इलाहाबाद। कीडगंज के चौखंडी में रहने वाले तीर्थ पुरोहित संतोष कुमार पांडेय की बीमारी के चलते मौत पर गमगीन लोगों ने बृहस्पतिवार सुबह थाने के सामने शव रखकर जाम लगा दिया। उनका आरोप है कि संतोष की बहू और उसके परिवार के लोगों ने दहेज उत्पीड़न का झूठा आरोप लगाकर घर में घुसकर हंगामा किया था। पुलिस ने भी उनका पक्ष लेते हुए परेशान किया, जिसकी वजह से सदमे में पुरोहित को दिल का दौरा पड़ा गया। पुलिस ने परिजनों को किसी तरह समझाकर मनाने के बाद तहरीर लेकर बहू और उसके माता-पिता तथा भाई के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली।
चौखंडी मुहल्ले में रहने वाले संतोष पांडेय के पुत्र विपिन का ब्याह दो साल पहले नई बस्ती निवासी चंद्रप्रकाश पांडेय की बेटी अनुराधा से किया गया था। ससुरालियों से मनमुटाव के चलते करीब सवा साल से अनुराधा मायके में है। उसका आरोप है कि दहेज की मांग नहीं पूरी होने पर उसे प्रताड़ित किया गया इसलिए वह मायके चली गई। दिसंबर 2015 में दोनों पक्षों के बीच सीओ कार्यालय में समझौता हुआ पर अनुराधा ने ससुराल जाने से मना कर सामान और पांच लाख रुपये लौटाने की मांग कर दी। पति विपिन का आरोप है कि उसके पिता पांच लाख रुपये देने को राजी थे लेकिन बाद में 10 लाख की डिमांड कर दी गई। इतनी बड़ी रकम नहीं चुकता कर सके तो 30 सितंबर को अनुराधा की तरफ से कीडगंज थाने में विपिन और उसके माता-पिता के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का केस लिखाया गया। आरोप है कि 11 अक्तूबर की रात अनुराधा पिता चंद्रप्रकाश, मां रति, भाई अनुराग समेत कुछ लोगों के साथ उसके घर में घुसकर हंगामा करने लगी। उसके माता-पिता को जान से मारने की धमकी दी गई। पिता संतोष का कालर पकड़कर धमकी दी कि दस लाख रुपये नहीं दिए तो पूरे परिवार का सफाया कर दिया जाएगा। पड़ोसी जुटे तो अनुराधा के परिजन धमकी देते चले गए। सदमे में विपिन के पिता तीर्थ पुरोहित संतोष बेसुध हो गए। उन्हें अस्पताल ले जाया गया जहां बुधवार रात उन्होंने दम तोड़ दिया। हालांकि दूसरे पक्ष के लोगों का कहना है कि संतोष पांडेय के आमाशय में संक्रमण हो गया था। अस्पताल में उसका ऑपरेशन किया गया था लेकिन जान नहीं बची।
पुलिसवाले भी कर रहे थे घर जाकर परेशान
बृहस्पतिवार सुबह करीब नौ बजे संतोष का शव कीडगंज थाने पर रखकर जाम लगा दिया गया। परिजनों की मांग थी कि अनुराधा और उसके मायके वालों पर मुकदमा लिखकर कार्रवाई की जाए। उनकी ज्यादती से सदमे में संतोष की मौत हो गई। आरोप लगाया कि पुलिस भी बार-बार घर जाकर गिरफ्तारी की धमकी दे रही थी। दो घंटे बाद पुलिस ने विपिन से तहरीर लेकर अनुराधा और मायके वालों पर एफआईआर लिख लोगों को शांत कराया।