छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शनिवार को केंद्र और प्रदेश सरकारों पर सीधा हमला बोला। पटेनगर और नवाबगंज की चुनावी सभाओं में उन्होंने कहा कि नोटबंदी, जीएसटी जैसे कदमों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों, व्यापारियों, बेरोजगारों और गरीबों के अरमानों को कुचल दिया है। झूठ और जुमलेबाजी की सरकार ने पांच साल में जनता से किए एक भी वादे पूरे नहीं किए। राफेल सौदे केसवाल पर देश का भरोसा तोड़ा है अलग से। उन्होंने कांग्रेस के ‘गरीबी पर वार-बहत्तर हजार’ के नारे को देश के करोड़ों गरीबों का सपना बताया। कहा कि इस चुनाव में धोखेबाजों से जनता हिसाब चुकता करकेदम लेगी।
फूलपुर लोकसभा सीट के अपना दल (कृष्णा), जनाधिकार पार्टी समर्थित कांग्रेस प्रत्याशी पंकज पटेल के समर्थन में सहसों के कसेरूआ कला स्थित लाला के बाग में सीएम बघेल ने बीजेपी सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए। कहा कि यह झूठ के खिलाफ सच की लड़ाई है । कांग्रेस ने कहा था कि यदि छत्तीसगढ़ में हमारी सरकार बनी तो 10 दिन में किसानों का कर्जा माफ होगा और सरकार बनने के दो घंटे के भीतर 20 लाख किसानों का कर्ज हमने माफ किया। इसी तरह मध्यप्रदेश और राजस्थान में भी किसानों के कर्जे माफ किए गए। सवाल है कि जो छत्तीसगढ़ में हो सकता है वो यूपी में क्यों नहीं हो सकता। उन्होंने योगी सरकार पर किसानों के साथ धोखा करने का आरोप लगाया।
भाजपा पर तंज कसते हुए उन्होंने कहाकि सत्ताधारी पार्टी के काम का ग्राफ शून्य है। इसीलिए भाजपा के उम्मीदवार मोदी के नाम पर और मोदी सेना के नाम पर वोट मांग रहे हैं। उन्होंने कहा कि मोदी पांच साल में जब चुनाव आता है तभी दिखते हैं। जनता के दुख दर्द को देखने -सुनने की उनको फुर्सत नहीं है। योगी यूपी के बाहर जहां भी चुनाव प्रचार करने गए, वहां बीजेपी को हार मिली। प्रत्याशी पंकज पटेल ने कहा कि नोटबंदी और जीएसटी के कारण हुए अन्याय से जनता नाराज है। कुछ लोग धर्म का चोला ओढ़कर देश की संस्कृति को नुकसान पहुंचाने का काम कर रहे हैं।
इस मौके पर फूलपुर लोक सभा प्रभारी रमेश अग्रहरि, एआईसीसी सदस्य शेखर बहुगुणा, प्रदेश महासचिव मुकुंद तिवारी, अल्पसंख्यक मोर्चा के जिलाध्यक्ष हलीम अंसारी, अपना दल के राष्ट्रीय महासचिव प्रेमचंद्र मौर्या, प्रदेश सचिव दिलीप पटेल ने भी विचार व्यक्त किए। अध्यक्षता श्याम सूरत पटेल ने की। संचालन बृजेश सिंह ने किया। इस मौके पर रामकिशुन पटेल, कमलाकांत मिश्र, गोपाल कृष्ण द्विवेदी, निशांत तिवारी, जावेद उर्फी, विनय दुबे, डॉ. मजहर आलम, अशोक मिश्रा, रामजी विश्वकर्मा, गोविंद सिंह, बिंदु मौर्या, संतोष मिश्रा, तेज प्रताप विश्वकर्मा उपस्थित थे।