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पुलिस की लीपापोती से मनबढ़ हुए अफगानी छात्र

Sat, 19 Mar 2016 01:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद
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बोर्ड ने विद्यार्थियों को नेटवर्किंग और इंटरनेट में निपुण बनाने का निर्णय लिया है। - फोटो : student
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अफगानी छात्र अक्सर अपने विदेशी होने का फायदा उठाते हुए शहर में आए दिन गुंडई करते रहते हैं। शहर में ऐसी कई घटनाएं हुईं और मामला पुलिस तक पहुंचा, लेकिन कालेज प्रबंधन और प्रशासन के दबाव में पुलिस जांच में लीपापोती करके किनारे हो जाती है। पुलिस की इस लापरवाही का फायदा उठाकर ही अफगानी छात्र मनबढ़ हुए।
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वाराणसी, गाजियाबाद के बाद इलाहाबाद में बड़ी संख्या में अफगानी छात्र पढ़ाई का वीजा लेकर आते हैं।

इलाहाबाद विश्वविद्यालय, एमएनएनआईटी के अलावा नैनी इलाके में स्थित शियाट्स में भी बड़ी संख्या में अफगानी छात्र हैं। विदेशी होने का फायदा उठाक र छात्राओं और शहर की युवतियों से सरेआम छेड़खानी, शराब पीकर हंगामा और दुकानदारों से मारपीट इनके लिए आम बात है। कोई विरोध करे तो एकजुट होकर मारपीट और बवाल करते हैं। वहीं लोग विदेशी होने के चलते लोग इनकी करतूतों को अनदेखा कर देते हैं। पानी जब सिर से ऊपर पहुंच जाता है, तो मामला पुलिस तक पहुंचता है, लेकिन पुलिस भी इनके विदेशी होने के कारण दबाव में काम करती है, वहीं अपने आर्थिक हितों के चलते संस्थान भी इनके बचाव में उतर आता है। संस्थान के साथ ही पुलिस भी अफगानी छात्रों के खिलाफ एफआईआर लिखकर ठोस कानूनी कार्रवाई करे और इनकी करतूतों की रिपोर्ट शासन तथा दूतावास को दें तो लगाम लगे।


कब-कब किया बवाल
एमएनएनआईटी में अफगानी छात्रों की मारपीट की घटना के अलावा भी अफगानी छात्र नैनी इलाके में कई बार उत्पात कर चुके हैं। अभी हाल ही में पहली मार्च को शियाट्स में अफगानी छात्रों ने छेड़खानी के विरोध पर भारतीय छात्रों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा और कॉलेज परिसर में जमकर बवाल काटा था, इसमें पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज की है। इस घटना में पुलिस और कॉलेज प्रशासन की एकतरफा कार्रवाई सामने आई थी। बवाल के बाद पहुंची पुलिस ने भी भारतीय छात्रों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। कॉलेज प्रशासन ने छात्रों को निलंबित कर दिया था जबकि अफगानी छात्रों के  खिलाफ रिपोर्ट के बावजूद किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई। पुलिस यह कहकर पल्ला झाड़ती रही कि अफगानी छात्र घटना के बाद कहां फरार हो गए, उन्हें कुछ पता ही नहीं है।
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वहीं भारतीय छात्रों को गिरफ्तारी पर रोक के लिए हाईकोर्ट का सहारा लेना पड़ा । इससे कई महीने पहले नैनी के गंगोत्रीनगर में अफगानी छात्रों ने एक दुकान में घुसकर बवाल काटा। दुकान में तोड़फोड़, लूटपाट के बाद दुकानदार को मारपीट कर लहूलुहान कर दिया। पूरी घटना दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई थी। इस मामले में नैनी पुलिस ने मुकदमा लिखा लेकिन किसी भी अफगानी छात्र की न तो गिरफ्तारी हुई, न ही विदेश से पढ़ने के लिए आए अफगानी छात्रों की गुंडई पर संस्थान ने कोई कार्रवाई की। पुलिस और प्रशासन का दावा था कि इसकी रिपोर्ट दूतावास को भेजी गई है, लेकिन अब पुलिस ने इसकी जांच को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। कई साल पहले सिविल लाइंस इलाके के एक होटल में पार्टी के दौरान अफगानी छात्रों ने शराब के नशे धुत होकर जमकर बवाल काटा था। सिविल लाइंस पुलिस मौके पर गई। उपद्रवी छात्रों को पकड़कर थाने ले आई लेकि न बाद में छोड़ दिया था।

अफगानी छात्रों की करतूतों के खिलाफ भड़के वकील
 एमएनएनआईटी में अफगानी छात्रों की गुंडई और अराजकता से जिले के वकीलों में आक्रोश है। वकीलों ने शुक्रवार को जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति, राज्यपाल और मुख्यमंत्री को ज्ञापन दिया।  प्रदर्शन में शामिल वकील श्रवण दुबे, रंजीत सिंह, निशांत द्विवेदी, राकेश कुमार पांडेय, शिवम द्विवेदी, शानू भट्ट समेत दर्जनों वकीलों ने कहा कि कानून व्यवस्था को हाथ में लेने और अराजकता फैलाने वाले अफगानी छात्रों के खिलाफ मुकदमा लिखकर कार्रवाई की जाए। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो। संस्थान ऐसे उपद्रवी छात्रों के निष्क ासन की कार्रवाई करे। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि जिला प्रशासन शीघ्रता से कार्रवाई नहीं करता है तो शहर के लोग सड़क पर उतरकर आंदोलन को बाध्य होंगे जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।
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