माफिया और बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी सोमवार को स्पेशल कोर्ट एमपी-एमएलए में पेश नहीं हुए। उनकी सोमवार को दोहरे हत्याकांड में पेशी होनी थी, लेकिन उनकी ओर से कोर्ट में अर्जी दाखिल की गई कि वह चलने-फिरने में असमर्थ हैं, इसलिए कोर्ट नहीं आ सकते। मुख्तार के अधिवक्ता का कहना था कि प्रकरण में एक वर्ष पूर्व बहस की गई थी।
कोविड-19 की वजह से काफी समय बीत गया है, लिहाजा उन्हें फिर से अपना पक्ष रखने की अनुमति प्रदान की जाए। अधिवक्ता की ओर से यह भी कहा गया कि प्रकरण में सुनवाई के समय मुख्तार अंसारी की उपस्थिति वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कराई जाए।
कोर्ट ने मुख्तार अंसारी की अर्जी पर अभियोजन से 15 अक्तूबर तक आपत्ति दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की सुनवाई स्पेशल जज डॉ. बालमुकुंद कर रहे हैं। अभियोजन की ओर से डीजीसी गुलाब चंद्र अग्रहरी और एडीजीसी राजेश गुप्ता पेश हुए। मुख्तार पर मऊ के दक्षिण टोला थाना क्षेत्र में 19 मार्च 2010 को एआरटीओ कार्यालय के पास हत्याकांड के गवाह राम सिंह मौर्य और उनके अंगरक्षक की गोली मारकर हत्या करने का मुकदमा दर्ज है। इस मुकदमे में गवाही पूरी हो चुकी है।
बहस भी 19 अक्तूबर 2019 को समाप्त हो गई थी, प्रकरण निर्णय के लिए नियत था। इसी प्रकरण में कोर्ट ने मुख्तार अंसारी को तलब किया था। मुख्तार वर्तमान में पंजाब के रोपड़ जिला कारागार में बंद हैं। मुख्तार द्वारा कोर्ट में अर्जी देकर कहा गया कि वह उच्च रक्तचाप, डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों से ग्रसित हैं। उन्हें दो बार हृदयाघात भी हो चुका है। कमर में चोट लग जाने के कारण चलने-फिरने में असमर्थ हैं। डॉक्टरों ने उन्हें आराम करने की सलाह दी है, लिहाजा कोर्ट में उनकी उपस्थिति वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कराई जाए।