मॉडल पेपर बनाने वाले रवींद्र प्रतियोगी छात्रों को पढ़ाते हैं। उन्होंने बताया कि यह मॉडल पेपर एक माह पहले तैयार किया गया था और छात्रों को पढ़ने के लिए दिया गया था। किसी ने इसका गलत इस्तेमाल किया और अफवाह फैलाने की कोशिश की। अफवाह फैलाने वाले नहीं चाहते कि परीक्षा सुचारु रूप से चल सके।
बुधवार रात समाज कार्य विषय का जो फर्जी पेपर व्हाट्सएप पर वायरल किया गया था, उसमें से कोई सवाल बृहस्पतिवार को हुए पेपर में नहीं आया। इससे साबित हो गया कि फर्जी पेपर वायरल कर परीक्षा में बाधा पहुंचाने की साजिश की गई थी। दरअसल, फर्जी पेपर में सवाल इस तरह से पूछे गए थे जो पूरे सेलेबस को कवर कर रहे थे। ऐसे में सीधे तौर पर न सही, लेकिन घूम-फिरकर फर्जी पेपर में शामिल तथ्यों से जुड़े कोई न कोई सवाल आने ही थे। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग केंद्र में झूंसी से परीक्षा देने आए एक अभ्यर्थी ने बताया कि फर्जी पेपर वायरल होने से रात भर नींद नहीं आई। हालांकि, राहत है कि यह अफवाह साबित हुई, वरना महीनों की मेहनत पर पानी फिर जाता।
पीसीएस मुख्य परीक्षा के तहत बृहस्पतिवार को समाज कार्य के प्रथम प्रश्नपत्र की परीक्षा का एक अभ्यर्थी ने बहिष्कार कर दिया। परीक्षा का बहिष्कार करने के बाद वह अभ्यर्थी अन्य परीक्षार्थियों से भी बहिष्कार की अपील करने लगा। माहौल बिगड़ता देख पुलिस उसे अपने साथ ले गई और द्वितीय पाली की परीक्षा समाप्त होने के बाद उसे छोड़ दिया गया।
वाराणसी के रहने वाले जंग बहादुर शुक्ला का बैराहना में महिला सेवा सदन इंटर कॉलेज में सेंटर था। जंग बहादुर सुबह सेंटर में पहुंचे, लेकिन परीक्षा नहीं दी। जंग बहादुर ने बताया कि उसका चयन आईबी में भी हो चुका है और 26 जून को उन्हें इंदिरा गांधी नेशनल एयरपोर्ट में इमिग्रेशन अफसर के रूप में ज्वाइन करना है। उन्होंने परीक्षा का बहिष्कार इसलिए किया है, क्योंकि पीसीएस परीक्षा में लगातार गड़बड़ी सामने आ रही है। यह परीक्षार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। युवाओं को अपने हक के लिए आगे आना होगा। उन्होंने सेंटर में अन्य अभ्यर्थियों से भी परीक्षा के बहिष्कार की अपील की। हालांकि, अभ्यर्थियों ने उनकी अपील नहीं सुनी और वे परीक्षा देने चले गए। इस बीच मौके पर पहुंची कीडगंज पुलिस उन्हें अपने साथ ले गई और शाम पांच बजे द्वितीय पाली की परीक्षा होने के बाद जंग बहादुर को छोड़ दिया गया।
भ्रष्टाचार मुक्ति मोर्चा के सदस्यों ने बृहस्पतिवार को बैठक कर पीसीएस मुख्य परीक्षा हो रही गड़बड़ी के लिए उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष, सचिव एवं परीक्षा नियंत्रक को जिम्मेदार ठहराया और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। साथ ही गलत पेपर बंटने के मामले में दोषियों को गिरफ्तार का तत्काल जेल भेजने की मांग की। बैठक में मोर्चा के अध्यक्ष कौशल सिंह, अमित कुमार सिंह, वैभव सिंह, सतीश कुमार, उत्कर्ष द्विवेदी, वेद पांडेय, अमित कुमार, मानसिंह, मोहम्मद रफीक, अजय कुमार आदि मौजूद रहे।