क्षेत्र के बमैला गांव से लापता हुआ किशोर चौथे दिन प्रयागराज जंक्शन से मिल गया। बरामदगी के बाद किशोर के बयान से अपहरण और 10 लाख की फिरौती की मांग पूरी तरह से झूठी निकल गई।
सरायममरेज के सेमरी गांव निवासी राजबहादुर पटेल के हंडिया के बमैला गांव निवासी रामजी पटेल साढ़ू भाई हैं। राज बहादुर की पत्नी सुनीता देवी के दिव्यांग होने के कारण उनका बेटा प्रियांशु (12) कई वर्षों से अपने मौसा रामजी के घर बमैला में रहकर पढ़ाई करता है। वह स्थानीय एक कॉलेज में सातवीं का छात्र है।
बीते 25 जुलाई को स्कूल से वापस आने के बाद बिना बताए वह साइकिल से घर से निकला था। देर रात तक वापस न लौटने पर परेशान परिजनों ने उसकी काफी खोजबीन की, लेकिन पता नहीं चला। इसकी गुमशुदगी हंडिया थाने में दर्ज है।
प्रियांशु उसी दिन हंडिया खास रेलवे स्टेशन के पास झाड़ियों में साइकिल खड़ी करके प्लेटफाॅर्म पर पहुंच गया था। कुछ ही देर बाद ट्रेन में बैठकर वह वाराणसी स्टेशन पहुंच गया। कुछ घंटे इधर-उधर घूमने के बाद प्रयागराज जाने वाली ट्रेन में बैठ गया।
रास्ते में सो जाने के कारण वह प्रयागराज के बजाय चित्रकूट पहुंच गया। इस बीच सोशल मीडिया पर लापता किशोर की फोटो व परिजनों के मोबाइल नंबर को स्कैमर बदमाशों ने हैक करके 10 लाख रुपये फिरौती की मांग की।
इसकी जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस, एसओजी व क्राइम ब्रांच की टीम सक्रिय हो गई।
चित्रकूट से जैसे ही वह प्रयागराज स्टेशन पहुंचा प्लेटफाॅर्म पर मौजूद हंडिया पुलिस और परिजनों ने उसे सकुशल बरामद कर लिया। बताया कि वह स्वेच्छा से घूमने के लिए बिना बताए घर से निकला था, न कि उसका अपहरण किया गया था।
पुलिस ने लिखा पढ़ी के बाद प्रियांशु को परिजनों को सौंप दिया। एसीपी हंडिया शेषधर पांडेय ने बताया कि अपहरण और फिरौती की मांग झूठी थी। यह इस स्कैमर बदमाशों की हरकत थी।