जिले में बवाल कर भाग जाने वाले उपद्रवियों की अब खैर नहीं। ड्रोन कैमरे में ऐसे उपद्रवियों की फुटेज पुलिस कैद कर लेगी। इसके अलावा शहर के ट्रैफिक समेत अन्य हलचलों पर ड्रोन कमरे से नजर रखी जाएगी। ट्रैफिक पुलिस को दो अलग-अलग क्षमता के कैमरे में मिले हैं। उपकरणों का शुक्रवार को एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने निरीक्षण किया और ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने ड्रोन कैमरे को उड़ाकर प्रदर्शन भी किया। इसके अलावा पुलिस को बॉडी वार्न कैमरा, गैस एनालाइजर, स्पीड रडार, ब्रीथ एनालाइजर मिला है।
ट्रैफिक पुलिस को मिले दो ड्रोन कैमरों में एक फैंटम क्वैडकॉप्टर और ड्रोन हेक्साकॉप्टर है। इन्फ्रारेड विजन युक्त फैंटम क्वैडकॉप्टर कैमरा 500 मीटर की ऊंचाई पर लगातार आधे घंटे तक उड़ सकता है। इसकी स्पीड 7-8 किमी प्रति घंटा है। हेक्साकॉप्टर इन्फ्रारेड विजनयुक्त ऑटो पायलट उपकरण है। एक किमी की ऊंचाई से भीड़ और स्थिति स्पष्ट करता है। यह कैमरा बिना रुके पचास मिनट तक उड़ने की क्षमता रखता है। इसकी स्पीड 27 किमी प्रतिघंटा है।
इसकी मदद से शहर के ट्रैफिक पर नजर रखने के साथ बवाल, उपद्रवियों पर नजर रखी जाएगी। इसके अलावा स्पीड रडार भी मिला है। ट्राई पैड पर खड़ा यह उपकरण वाहनों की वास्तविक गति को तत्काल बता देगा, ताकि उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके। इस मौके पर सहायक पुलिस अधीक्षक गणेश साहा, एसपी ट्रैफिक निहारिका शर्मा, सीओ ट्रैफिक अलका भटनागर, टीआई राम नरेश सिंह समेत तमाम लोग उपस्थित रहे।
ट्रैफिक पुलिस को 12 बॉडी वार्न कैमरा मिला है। एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने बताया कि सभी टीएसआई, टीआई के साथ सीओ, एसपी ट्रैफिक अपने साथ बॉडी वार्न कैमरा रखेंगे। यह कैमरा इनके कंधे पर लगा होगा। इससे पुलिस से बदसलूकी करने वालों की गतिविधि की रिकार्डिंग और फोटोग्राफी की जा सकेगी। ये भी अपनी करतूत नहीं छिपा सकेंगे। 720 एचडी युक्त कैमरा एसडी कार्ड एवं पीपीटी विकल्प से युक्त रेडियो कनेक्टिविटी वाला है। यह एक बार में 16 घंटे की रिकार्डिंग कर सकता है।