फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

छिपते छिपाते पंजाब से आए 100 मजदूरों को मीरगंज पुलिस ने लौटाया

विज्ञापन
बहेड़ी में अपना नाम दर्ज कराते प्रवासी मजदूर। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
विज्ञापन

रेड जोन का हवाला बिना पास प्रवेश की नहीं दी अनुमति
विज्ञापन

50 मजदूरों को ले गई मिलक पुलिस, बाकी शाम तक बार्डर पर ही डटे रहे

मीरगंज। लॉकडाउन में प्रवासी मजदूरों के पलायन का सिलसिला अनवरत जारी है। शनिवार को भी करीब सौ से ज्यादा मजदूर साइकिल से मीरगंज बार्डर पर पहुंचे, लेकिन पुलिस ने उन्हें जिले की सीमा में प्रवेश नहीं करने दिया। कुछ मजदूरों को मिलक पुलिस अपने साथ ले गई। अन्य मजदूर जिले की सीमा पर शाम तक डटे रहे।
विज्ञापन

शनिवार को मीरगंज पहुंचे गोरखपुर, गाजीपुर और बिहार, झारखंड आदि के रहने वाले प्रवासी मजदूरों को पुलिस ने रोक लिया और रामपुर की सीमा में फिर से लौटा दिया। गोरखपुर के संत कबीर नगर निवासी नरेश, राजकपूर, मुनीम आदि दर्जन भर मजदूरों ने बताया कि वह पंजाब के लुधियाना में मजदूरी करते थे। मजदूरी तो मिलना बंद हो ही गई थी और लॉकडाउन भी लगातार बढ़ता जा रहा था। जब भेट भरना भी मुश्किल होने लगा तो पांच दिन पहले साइकिल से घर की ओर निकल पड़े। पंजाब पुलिस से बचने के लिए जमुना और गंगा नदी तैरकर पार की। गाजीपुर निवासी केदार, जवाहर और संतोष कुमार ने बताया कि वह दो दिन पहले बिजनौर से चले थे। वहां खाने तक के लाले थे, मजबूरी में घर जाना ही सही लगा। इसी तरह से करीब 100 मजदूरों को मीरगंज पुलिस ने रामपुर सीमा पर रोका था। मजदूर पुलिस-प्रशासन से घर जाने की दरकार करते रहे, लेकिन पुलिस ने उन्हें जिले में प्रवेश नहीं करने दिया गया। मिलक प्रशासन 50 मजदूरों को वाहनों के जरिये अपने इलाके में ले गया, लेकिन करीब छह दर्जन लोग बरेली रामपुर बार्डर पर ही शाम तक जमे रहे। पुलिस का कहना है कि बरेली रेड जोन घोषित है और किसी भी बाहरी व्यक्ति को बगैर पास के सीमा में प्रवेश करने की छूट नहीं है इसलिए उन्हें लौटा दिया गया। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें