मामला मेरठ जिले का है। वर्ष 2010-11 में सरकार द्वारा मदरसों के प्रबंधकों के खाते में छात्रवृत्ति के तीन करोड़ रुपए याची के द्वारा ट्रांसफर किए गए थे। इसके वितरण में अनियमिता के कारण तत्कालीन जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम सहित अन्य धाराओं में 98 मुकदमे मेरठ जिले में दर्ज किए गए थे।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मेरठ के छात्रवृत्ति वितरण में 13 साल पहले हुए तीन करोड़ रुपये गबन के आरोपी तत्कालीन अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को अंतरिम अग्रिम जमानत दे दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति समित गोपाल की कोर्ट ने दिया।
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मामला मेरठ जिले का है। वर्ष 2010-11 में सरकार द्वारा मदरसों के प्रबंधकों के खाते में छात्रवृत्ति के तीन करोड़ रुपए याची के द्वारा ट्रांसफर किए गए थे। इसके वितरण में अनियमिता के कारण तत्कालीन जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम सहित अन्य धाराओं में 98 मुकदमे मेरठ जिले में दर्ज किए गए थे।