इलाहाबाद। कलम का कमाल देखने के लिए आप भले ही ‘कलम के सिपाही’ मुंशी प्रेमचंद को पढ़ें लेकिन लाखों रुपये खर्च करने की हैसियत रखते हों तो कमाल की कलम से लिख सकते हैं। दरअसल नाइटेंगल कम्पनी की ओर से सोने-चांदी की बनी कलम और गोल्डेन मोरपंख वाली गीता से अब आप अपने शहर में भी रूबरू हो सकते हैं।
सिविल लाइंस के पैलेस सिनेमा के सामने स्थित स्टेशनरी प्वाइंट पर जल्द ही यह कलम और गोल्डेन बुकमार्क वाली गीता उपलब्ध होगी। पंद्रह अगस्त से दो दिनी प्रदर्शनी के दौरान इसे सार्वजनिक किया जाएगा। कलम के शौकीनों के लिए प्रदर्शनी में पचास हजार रुपये से लेकर तकरीबन दो लाख रुपये तक की कलम मौजूद रहेगी जिस पर सोने, चांदी सहित बहुमूल्य धातुओं से राधाकृष्ण, तिरुपति बालाजी, गणपति आदि के चित्र उकेरे गए हैं।
इसी तरह मोरपंख वाले गोल्डेन बुकमार्क के साथ श्रीमद्भगवद्गीता भी लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगी। एक साथ चार भाषाओं संस्कृत, रोमन इंग्लिश, इंग्लिश और हिन्दी में लिखी इस गीता की छपाई वेजिटेबल कलर्स से की गई है। कंपनी का दावा है कि इसके पृष्ठ तकरीबन ढाई सौ बरसों तक सुरक्षित रहेंगे। गीता के पैकेज में मैग्नेटिक बॉक्स और लकड़ी का रिवॉल्विंग स्टैंड तो है ही, मोरपंख की आकृति में चौबीस कैरेट वाला गोल्डेन बुकमार्क भी है। गोल्डेन मोरपंख के साथ कान्हा की मोहक मुद्रा वाली तस्वीर भी है। इस गीता की एक प्रति चालीस हजार रुपये की है।
स्टेशनरी प्वांइट के प्रोपराइटर पन्नालाल अग्रवाल कहते हैं, एक्सपोर्ट क्वालिटी वाली चीजों की कीमतें ज्यादा जरूर हैं लेकिन शौकीनों के बीच इनका क्रेज कुछ कम भी नहीं है। नाइटेंगल की गीता को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और महानायक अमिताभ बच्चन बंगलुरू में लांच कर चुके हैं। इलाहाबादियों से रूबरू कराने के लिए अब यह गीता प्रदर्शनी में भी उपलब्ध होगी। शुक्रवार को इस गीता की एक प्रति बिकी जबकि चार प्रतियां बुक कराई गई हैं।