इलाहाबाद (ब्यूरो)। मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के गॉयनी विभाग में विश्व स्तनपान सप्ताह के अंतर्गत शुक्रवार को आयोजित सेमिनार में प्रसूताओं को कई नवीन जानकारियां दी गईं। गॉयनी विभागाध्यक्ष डॉ. अमृता चौरसिया ने कहा कि एचआईवी, हेपेटाइटिस-बी सहित क्रानिक बीमारियों से ग्रसित माताएं भी अपने बच्चों को स्तनपान करा सकती हैं। उन्हें इस बात का ध्यान रखना होगा कि जब बच्चे को स्तनपान कराएं तो उन्हें ऊपर का दूध न दें।
ऊपर का दूध देने से उनमें संक्रमण होने का खतरा बढ़ सकता है। मां अगर बच्चे को ऊपरी दूध पिला रही है तो स्तनपान न कराएं। डॉ. अमृता ने कहा कि बच्चे के लिए एक ही दूध चाहे मां का हो या फिर ऊपरी ही देना चाहिए। मिक्स फीडिंग (स्तनपान और ऊपरी) दोनों चीजें खतरनाक हो सकती हैं। सेमिनार में चिल्ड्रेन अस्पताल के अध्यक्ष डॉ. डीके सिंह ने भी अपनी बात कही।
उन्होंने स्तनपान को लेकर होने वाली भ्रांतियों को दूर किया। इसके पूर्व कार्यक्रम का उद्घाटन एसआरएन अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. करूणाकर द्विवेदी ने किया। सेमिनार में डॉ. प्रीति, डॉ. श्वेता, डॉ. शशि प्रभा, डॉ. निधि ने भी कई जानकारियां दी। इस दौरान प्रसूताओं ने कई सवाल भी किए। आयोजित प्रतियोगिता में नीता, प्रियंका, वर्षा, कंचन, उषा, गीता, प्रियंका, मनोरमा, किरन, गंगी देवी को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम में डॉ. मंजू वर्मा, डॉ. मीना दयाल, डॉ. यूके घोष आदि मौजूद रहे।