ब्वायज हाईस्कूल जाने पर पता चला कि वहां से भी अब प्रवासी मजदूरों के लिए बसें चलनी बंद हो गई हैं। इसके बाद रात भर प्रवासी मजदूर स्टेशन परिसर से लेकर सड़क तक भटकते रहे। इस दौरान किसी ने भटकते प्रवासी मजदूरों की पीड़ा सोशल मीडिया पर साझा कर दी।
इसके बाद इलाहाबाद हेल्प ग्रुप से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता अंशु मालवीय, उत्पला शुक्ला ने स्टेशन पहुंचकर पैसे के अभाव में परेशान मजदूरों को खाना खिलाया। इसके बाद मददगारों की संख्या भी बढ़ने लगी। कुछ देर बाद ही पूर्व पार्षद शिवसेवक सिंह के साथ समाजसेवी अनुराधा, अनंत कुमार चौधरी, अनुपम सिन्हा, सुबोध यादव, अश्विनी कुमार,मेहताब आलम, पूर्व पार्षद दिनेश कुमार गुप्ता भी बस स्टेशन पहुंच गए।
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने चंदा करना शुरू कर दिया। इसके बाद एआरएम सीबी राम से मिलकर प्रवासी मजदूरों के लिए टिकट कराने की जब सिफारिश की गई तब एआरएम ने खुद पहल कर उन मजदूरों के लिए दो बसों की इंतजाम कराया। थर्मल स्क्रीनिंग व अन्य जांच के बाद उन मजदूरों को नैनी बस अड्डे से बाराबंकी के लिए रवाना किया गया। मजदूरों ने बताया कि पैसे खत्म होने के बाद उड़ीसा से एक विधायक ने उनके टिकट कराकर ट्रेन से प्रयागराज तक भेजा था।