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छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए क्या किया

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mhrd asked deteails for the mental health steps taken by the universities
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-केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने कुलपतियों से किया सवाल
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-इविवि प्रशासन ने मेंटल हेल्थ मैनमेजेंट एवं परीक्षाओं पर भेजा जवाब
प्रयागराज। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) समेत देश के 42 विश्वविद्यालयों से पूछा है कि कोरोना महामारी से उत्पन्न हुई विपरीत परिस्थितियों में विश्वविद्यालयों ने छात्र-छात्राओं के मानसिक स्वास्थ्य के लिए क्या किया। उनके पास मेंटल हेल्थ मैनजमेंट से संबंधित कोई योजना है या नहीं? इसके साथ ही मंत्रालय ने वार्षिक एवं प्रवेश परीक्षाओं और शिक्षण प्रणाली पर भी विश्वविद्यालयों से सवाल किए हैं। इविवि प्रशासन ने इन सभी बिंदुओं पर जवाब मंत्रालय को भेज दिया है।
केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक की ओर से शनिवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से देश के 42 विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ बैठक होनी थी, लेकिन अपरिहार्य कारणों से बैठक नहीं हो सकी। हालांकि, मंत्रालय ने सभी विश्वविद्यालयों से ऑनलाइन शिक्षा प्रणाली, वार्षिक एवं सेमेस्टर परीक्षाओं, प्रवेश परीक्षाओं और छात्रों के मेंटल हेल्थ मैनेजमेंट से संबंधित बिंदुओं पर लिखित जवाब मांग लिया। इविवि के कार्यवाहक कुलपति प्रो. आरआर तिवारी की ओर से तत्काल सभी बिंदुओं पर जवाब तैयार कर भेज दिया गया। छात्रों को मानसिक रूप से किसी प्रकार की दिक्कत न हो, इसके लिए इविवि प्रशासन की ओर से पहले ही एक कमेटी का गठन किया जा चुका है। मंत्रालय को यह भी बताया गया कि सितंबर में प्रवेश परीक्षा कराए जाने की तैयारी है।
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प्रवेश के लिए आवेदन की प्रक्रिया चल रही है और इसके लिए 31 जुलाई अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। वार्षिक एवं सेमेस्टर परीक्षाओं पर भी जल्द निर्णय लिया जाएगा और यूजीसी की गाइडलाइन के अनुरूप ही परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। इसके साथ ही ऑनलाइन शिक्षा को लेकर भी इविवि प्रशासन ने मंत्रालय को अपनी रिपोर्ट भेजी और बताया कि शिक्षा प्रणाली में सुधार के लिए इविवि प्रशासन की ओर से अब तक किस तरह के उपाय किए गए हैं। इविवि के पीआरओ डॉ. शैलेंद्र मिश्र का कहना है कि मंत्रालय ने जो भी जानकारी मांगी थी, विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से मंत्रालय को प्रेषित कर दी गई है।
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