फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इतिहास से जुड़े सवाल तय करेंगे मेरिट, पीसीएस जे परीक्षा में अभ्यर्थियों को विधि के पेपर ने उलझाया

Mon, 17 Dec 2018 03:44 AM IST
vivek shukla ब्यूरो, अमर उजाला, प्रयागराज
विज्ञापन
परीक्षा देकर बाहर निकलते अभ्यर्थी। - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
पीसीएस जे प्रारंभिक परीक्षा में सामान्य अध्ययन के पेपर में इतिहास से जुड़े सवालों ने अभ्यर्थियों को उलझाया तो समसामयिक मुद्दों से संबंधित सवालों ने राहत भी दी। इस बार विधि का पेपर उन अभ्यर्थियों को कठिन लगा, जो कानून की किताब रटकर परीक्षा देने पहुंचे थे। विधि के पेपर में कई सवाल ऐसे थे, जो व्यवहारिक ज्ञान पर आधारित थे।
विज्ञापन


पहले सत्र में हुए सामान्य अध्ययन के पेपर में अभ्यर्थियों को इतिहास से जुड़े सवाल काफी कठिन लगे। ऐसे में जिन अभ्यर्थियों इतिहास विषय की तैयारी अच्छी तरह से की थी, उन्हें फायदा मिल सकता है। इतिहास से जुड़े सवाल मेरिट तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। हालांकि समसामयिक मुद्दों से जुड़े सवाल अभ्यर्थियों को आसान लगे।

मसलन, ‘ट्राई निम्नलिखित में किस क्षेत्र की नियामक संस्था है?, ‘जून 2018 में किस देश में व्हाट्स एप और फेसबुक पर कर लगाया है?’, ‘हॉकी विश्वकप खेल प्रतियोगिता नवंबर 2018 भारत के किस शहर में आयोजित की गई है?’, ‘2019 में आधिकारिक विश्व पर्यटन दिवस समारोह के लिए निम्न में कौन सा देश मेजबान होगा?’, ‘अंतर्राष्ट्रीय महिला उद्यमी शिखर सम्मेलन तीन सितंबर 2018 से पांच सितंबर 2018 तक किस देश में हुआ?’
विज्ञापन


इसके अलावा पूछा गया कि ‘मई 2018 में निम्नलिखित में से किस देश में गर्भपात के कानून को लचीला बनाने के लिए जनमत संग्रह कराया गया?’ ‘सबरीमाला देवस्थानम केस में उच्च न्यायालय के निर्णय से असहमति रखने वाले जज का नाम बताएं?’

हालांकि कुछ सवाल ऐसे थे, जिन पर अभ्यर्थियों ने आपत्ति की है और सवालों को अव्यवहारिक बताया है। जैसे, ‘भेड़ाघाट में 64 योगिनी मंदिर में योगनियों की कितनी मूर्तियां सुरक्षित हैं?’ दूसरे सत्र में हुए विधि के पेपर में सुप्रीम कोर्ट के कुछ फैसलों से जुड़े सवाल पूछे गए। ऐसे सवालों ने अभ्यर्थियों को उलझाया।

13 अक्तूबर के बाद तैयार किया पेपर
- पीसीएस जे प्रारंभिक परीक्षा का पेपर 13 अक्तूबर के बाद तैयार किया गया। दरअसल, सामान्य अध्ययन के पेपर में एक सवाल आया कि ‘प्रथम दीनदयाल हस्थकला संकुल व्यापार सुविधा केंद्र अवस्थित है?’इस सवाल के चार विकल्प दिए गए हैं, जिनमें ‘प्रयागराज’, ‘आगरा’, ‘कानपुर’, ‘वाराणसी’ शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने प्रयागराज नाम की घोषणा 13 अक्तूबर को की थी और एक सप्ताह के भीतर कैबिनेट ने इस पर मुहर लगा दी थी और नोटिफिकेशन भी जारी हो गया था। इसका मतलब है कि प्रश्नपत्र 13 अक्तूबर के बाद ही बनाया गया।
विज्ञापन

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें