पीसीएस-2017 की मुख्य परीक्षा सोमवार, 18 जून से शुरू होने जा रही है। परीक्षा के लिए इलाहाबाद में 17 और लखनऊ में 11 केंद्र बनाए गए हैं। सोमवार को पहले सत्र में सामान्य अध्ययन प्रथम प्रश्नपत्र और दूसरे सत्र में सामान्य अध्ययन द्वितीय प्रश्नपत्र की परीक्षा है। मुख्य परीक्षा छह जुलाई तक आयोजित की जाएगी।
पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा पिछले साल 24 सितंबर को आयोजित की गई थी। परीक्षा में कुल दो लाख 46 हजार 654 अभ्यर्थी शामिल हुए थे और इनमें से 14032 अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा में शामिल होने के लिए सफल घोषित किया गया था। हालांकि बाद में आवेदन अपूर्ण होने के कारण इनमें से 369 अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा से पहले बाहर कर दिए गए। अब मुख्य परीक्षा में कुल 13663 अभ्यर्थियों को शामिल होना है। सामान्य अध्ययन प्रथम प्रश्नपत्र की परीक्षा सुबह 9.30 से 11.30 बजे और द्वितीय प्रश्नपत्र की परीक्षा अपराह्न 2.30 से 4.30 बजे तक होगी।
बाकी परीक्षाएं पहले सत्र में सुबह 9.30 से दोपहर 12.30 बजे और द्वितीय सत्र में अपराह्न दो से शाम पांच बजे तक आयोजित की जाएंगी। 19 जून को पहले सत्र में सामान्य हिंदी और दूसरे सत्र में निबंध की परीक्षा है। परीक्षा 677 पदों के लिए आयोजित की जा रही है। इनमें एसडीएम के केवल 22 पद हैं जबकि सर्वाधिक 114 पद नायब तहसीलदार के हैं। इसके अलावा 97 पद बीडीओ के भी हैं। साथ ही कई अन्य पद भी हैं।
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट कर उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। अखिलेश ने ट्वीट किया है कि अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए एक माह का वक्त भी न दिया जाना उनके साथ अन्याय है। सरकारी को परीक्षा की तारीख बढ़ानी चाहिए। यह युवाओं के भविष्य का सवाल है। यूपीपीएससी ने 13 मई को पीसीएस-2017 की मुख्य परीक्षा का कार्यक्रम जारी किया था। तैयारी के लिए एक माह से कम वक्त मिलने पर प्रतियोगियों ने आयोग में धरना-प्रदर्शन किया था। साथ ही मुख्यमंत्री से मिले थे। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को भी ज्ञापन सौंपा था। हर जगह यही मांग की गई थी कि परीक्षा तिथि बढ़ाई जाए लेकिन आयोग नहीं माना। परीक्षा 18 जून से शुरू होने जा रही है।