कैंडल मार्च निकालते मेजा पॉवर प्रोजेक्ट के कर्मचारी
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केंद्र सरकार के एनटीपीसी लिमिटेड के प्रस्तावित निजीकरण के फैसले के खिलाफ एनटीपीसी कार्यपालक संघ बैनर तले मेजा पॉवर प्रोजेक्ट के कर्मचारियों ने परिजनों संग कैंडल मार्च निकाल कर विरोध-प्रदर्शन किया।
एनटीपीसी कार्यपालक संघ के महासचिव धर्मेंद्र सिंह के नेतृत्व में मेजा पॉवर प्रोजेक्ट के आवासीय परिसर के गेट पर प्रदर्शन कर निजीकरण के विरोध में जमकर नारेबाजी की। इस दौरान धमेन्द्र सिंह ने कहा कि सरकार का एनटीपीसी के निजीकरण का फैसला ठीक नहीं है।
इससे एनटीपीसी अपने उद्देश्यों से भटक जाएगी। उन्होंने कहा कि एनटीपीसी सरकार को हर साल करीब11 से 13 हजार करोड़ रुपये मुनाफा देती है। इसके आसपास कोई भी निजी कंपनी प्रतिद्वंद्विता में नहीं है। ऐसे में इसका निजीकरण कहीं से भी तर्कसंगत नहीं हैं।
एनटीपीसी एग्जेक्यूटिव फेडरेशन ऑफ इंडिया के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर, सरकार अपने निजीकरण के फैसले को समाप्त नहीं करती है तो एनटीपीसी की सभी परियोजनाओं में बिजली उत्पादन बंद कर दिया जाएगा। जिससे पूरे देश में बिजली का संकट गहरा जाएगा।
जिसकी जिम्मेदारी केंद्र सरकार की ही होगी। विरोध प्रदर्शन के दौरान सैकड़ों की तादाद में कर्मचारी मौजूद रहे। कैंडल मार्च में एनटीपीसी कर्मियों के अलावा आवासीय परिसर की महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।