सस्ता सोना दिलाने के नाम पर लालगोपालगंज के एक दवा व्यापारी से 18 लाख रुपये लूट लिए गए। बीते 19 अगस्त को पीड़ित को रामवन गमन पथ पर बुलाया गया और कार सवार बदमाशों ने तमंचा सटाकर नकदी से भरा बैग छीन लिया। जान से मारने की धमकी देते हुए बदमाश भाग गए। पीड़ित व्यापारी की तहरीर पर मंगलवार को नवाबगंज पुलिस ने पांच नामजद आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर संभावित स्थानों पर दबिश दी है।
नवाबगंज के लालगोपालगंज स्थित दानियालपुर निवासी पंकज कुमार अग्रवाल बंसल मेडिकल स्टोर चलाते हैं। पीड़ित के अनुसार, जहीदपुर निवासी जुबैर अहमद अक्सर उनकी दुकान पर आता था। इससे उनकी जान-पहचान हो गई थी। करीब एक माह पूर्व जुबैर ने पंकज को झांसा दिया कि उसके परिचित को रुपये की जरूरत है, इसलिए वह बाजार से सस्ते कीमत में सोना बेच रहे हैं।
आरोपी जुबैर के झांसे में आकर पंकज ने पत्नी के जेवर गिरवी रखकर पांच लाख व दो मित्रों से नौ लाख और मेडिकल स्टोर की वसूली के चार लाख जुटाकर 18 लाख रुपये 19 अगस्त को अपनी कार से नकदी लेकर प्रतापगढ़ के थाना हथिगवां स्थित बिहरिया, रामवन गमन पथ के पास पहुंचे।
वहां पहले से ही सफेद रंग की कार में दानियालपुर निवासी फैसल बैठा था। जैसे ही पंकज अग्रवाल व जुबैर फैसल की गाड़ी में बैठे, तभी विपरीत दिशा से आई कार से तीन युवक उतरे। एक ने तमंचा तान दिया। आरोप है कि फैसल ने राजन दुबे नामक साथी को गोली मारने को कहा।
पीड़ित के अनुसार, जुबैर ने धोखा हो गया का नाटक करते हुए पंकज को भागने को कहा। दहशत में पंकज को रुपये से भरा बैग छोड़कर जान बचाकर भागना पड़ा। पीड़ित ने मंगलवार को नवाबगंज थाने में तहरीर दी। इसके बाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी।
इंस्पेक्टर नवाबगंज पंकज अवस्थी ने बताया कि दवा व्यापारी की तहरीर पर लालगोपालगंज के जहीदपुर निवासी जुबैर, दानियालपुर के फैसल सहित राजन दुबे, नागर गौतम और संदीप यादव निवासी अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।
सोची-समझी साजिश का शिकार बना व्यापारी
लालगोपालगंज। दवा व्यापारी के साथ हुई लूट की वारदात की पटकथा बेहद शातिराना अंदाज में लिखी गई। सूत्रधार ने पहले दोस्ती की आड़ में व्यापारी का भरोसा जीता, फिर हाईवे पर गाड़ी रुकवाकर जाल में फंसाया। व्यापारी कई दिनों तक डिप्रेशन में घुटता रहा, लेकिन परिवार के हौसले ने आखिरकार इस बड़े गिरोह के चेहरे से नकाब उतार दिया।