ऑनलाइन फार्मेसी के खिलाफ ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट के आह्वान पर बुधवार को मऊआइमा, हरिसेनगंज और ब्लॉक बाजार क्षेत्र की मेडिकल दुकानें बंद रहीं। दवा दुकानों में तालाबंदी से मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई गंभीर मरीज दवा के लिए इधर-उधर भटकते दिखे।
मऊआइमा केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष अब्दुल्ला अंसारी और महामंत्री कलीम अल्ताफ के नेतृत्व में दवा विक्रेताओं ने बैठक कर विरोध प्रदर्शन किया। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि देशभर के 12 लाख से अधिक केमिस्ट और दवा वितरक लंबे समय से सरकार का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने आरोप लगाया कि ई-फार्मेसी प्लेटफॉर्म बिना पर्याप्त सत्यापन के दवाएं बेच रहे हैं। एक ही प्रिस्क्रिप्शन का बार-बार इस्तेमाल किया जा रहा है।
एआई से फर्जी पर्चे बनाकर एंटीबायोटिक और नशीली दवाएं तक बेची जा रही हैं। इससे मरीजों की सुरक्षा खतरे में पड़ रही है। सरकार से मांग है कि अवैध ई-फार्मेसी पर तत्काल रोक लगाई जाए। इस मौके पर मोहम्मद तौसीफ, मोहम्मद रईस, विपुल पांडेय, संजय शर्मा, मोहम्मद तारिक, मोहम्मद नावेद, मोहम्मद मोमिन और मोहम्मद हलीम आदि रहे।
हड़ताल से भटकते रहे मरीज
हड़ताल के कारण मरीजों को खासी दिक्कत हुई। हार्ट के मरीज राम लाल सुबह से दवा के लिए भटकते रहे। वहीं, संगीता देवी ने बताया कि उनके पति गंभीर रूप से बीमार हैं। डॉक्टर की पर्ची लेकर सुबह से मेडिकल स्टोर के चक्कर लगा रही हैं लेकिन दवा नहीं मिली।
लालगोपालगंज के मेडिकल स्टोर भी रहे बंद
कस्बे के मेडिकल स्टोर संचालक भी हड़ताल में शामिल रहे। इस दौरान आवश्यक दवाओं के लिए मरीजों को परेशानियों का सामना जरूर करना पड़ा। बुधवार को दुकानें बंद रखने के बाद मेडिकल स्टोर संचालकों ने बैठक कर केंद्र व राज्य सरकार से ऑनलाइन दवा बिक्री पर रोक लगाने की मांग की। मौके पर विजय भास्कर तिवारी, बन्ने अग्रवाल, जुनेद उल्ला, सरफराज अहमद, अब्दुल मुकीत, पंकज अग्रवाल, मोनू त्रिपाठी, रामनरेश मौर्य आदि रहे। वहीं, सोरांव में केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष शकील अहमद ने कहा कि समर्थन में सोरांव, ददौली नहर, शिवगढ़, सेवाइत आदि इलाकों में दुकानें बंद रहीं। फूलपुर में भी मेडिकल स्टोर बंद रहे। व्यापारियों का कहना है कि ऑनलाइन दवा बिक्री और कंपनियों की ओर से दिए जा रहे आकर्षक डिस्काउंट से स्थानीय छोटे मेडिकल स्टोरों का कारोबार तेजी से प्रभावित हो रहा है।