फर्जी डिग्री से बन गया प्रभारी चिकित्साधिकारी
- संविदा पर तैनात डॉक्टर की सेवाएं समाप्त, एफआईआर के निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर (कौशाम्बी)। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मेें प्रभारी चिकित्साधिकारी के पद पर तैनात एक डॉक्टर की डिग्री फर्जी निकली। जालसाज डॉक्टर हस्ताक्षर बनाकर अस्पताल से गायब होकर निजी प्रैक्टिस भी करता था। जांच में खुलासा होने के बाद जिला स्वास्थ्य समिति ने शनिवार को इस डॉक्टर की संविदा समाप्त कर दी है। सीएमओ डॉ पीएन चतुर्वेदी ने चिकित्सक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
प्रमोद कुमार केसरवानी नाम के व्यक्ति ने पिछले दिनों आईजीआरएस पोर्टल पर एक शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें आरोप लगाया गया कि स्वास्थ्य विभाग में संविदा पर तैनात डॉ. राजेश सिंह सेंगर द्वारा नौकरी के लिए लगाई गई एमडी की डिग्री फर्जी है। डॉ. सेंगर इन दिनों लगभग दो साल से प्रभारी चिकित्साधिकारी नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गांधीनगर, मंझनपुर में तैनात हैं। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए सीएमओ ने डिग्री का सत्यापन कराया तो एम्स के रजिस्ट्रार ने साफ कह दिया कि डॉ. राजेश सिंह सेंगर नाम के किसी व्यक्ति को संस्थान की ओर से ऐसी कोई डिग्री ही नहीं जारी की गई। इसके साथ ही सीएमओ ने डॉक्टर की गतिविधियों की भी जांच कराई तो तमाम लापरवाहियां उजागर हुईं। जांच में पता चला कि डॉ. सेंगर फर्जी डिग्री लगाकर नौकरी हासिल करने के साथ ही अपने तैनाती वाले अस्पताल से हस्ताक्षर बनाकर अक्सर गायब रहते हैं। यह भी पता चला कि वह निजी चिकित्सालय में सेवा देते हैं। पूरे मामले को सीएमओ ने जिला स्वास्थ्य समिति के समक्ष रखा। समिति ने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए सेवा समाप्त करने का फैसला लिया। सीएमओ डॉ पीएन चतुर्वेदी ने बताया कि शनिवार को जालसाज डॉक्टर की सेवा समाप्त करने के साथ ही फर्जीवाड़ा करने के आरोप में एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ जेपी साहू को दे दिया गया है।