इलाहाबाद (ब्यूरो)। मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज और बेली अस्पताल में शुक्रवार को सीबीआई (केंद्रीय जांच ब्यूरो) की छह सदस्यीय टीम ने छापा मार दिया। सीबीआई इन दोनों संस्थानों में राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) के बजट से स्थापित किए गए टेली-मेडिसिन सेंटर और ई-लाइब्रेरी से संबंधित रिकार्डों की जांच करने आई हुई है।
सीबीआई के अचानक छापे से मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज और उसके अस्पताल स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय में स्थापित टेली-मेडिसिन सेंटर पर हड़कंप मच गया। सीबीआई ने टेली-मेडिसिन पहुंचकर सभी कंप्यूटर, लैपटॉप, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, हार्डडिस्क आदि अपने कब्जे में ले लिया। इसके अलावा टेली-मेडिसिन से संबंधित सभी रिकार्ड तलब कर लिए।
इस दौरान टेलीमेडिसिन प्रभारी डॉ. देवाशीष शर्मा, सेंटर संचालक, स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय के एसआईसी, मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह सहित कई अधिकारी भी मौजूद रहे। टीम ने टेली-मेडिसिन के साथ मेडिकल कॉलेज में स्थापित ई-लाइब्रेरी का भी दौरा किया। वहां भी उसने ई-लाईब्रेरी से जुड़ी चीजों की जांच की और रिकार्ड खंगाले। शाम को टीम ने बेली अस्पताल में स्थापित टेली-मेडिसिन सेंटर पहुंची। यहां भी उसने रिकार्ड तलाशे। छह सदस्यीय टीम में दो सदस्य दिल्ली के, दो लखनऊ और दो आईटी एक्सपर्ट्स शामिल रहे। टीम शनिवार को भी दोनों संस्थानों के रिकार्ड खंगाल सकती है।
मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज और बेली अस्पताल दोनों में टेली-मेडिसिन सेंटर को पांच साल पूर्व ही एनआरएचएम के बजट से स्थापित किया गया था। सीपीएमटी काउंसलिंग के कारण मेडिकल कॉलेज का टेली मेडिसिन सेंटर संचालित है, जबकि बेली अस्पताल के सेंटर को सीबीआई जांच की वजह बंद कर दिया गया था। तभी से यह कयास लगाए जा रहे थे कि सीबीआई किसी भी समय दोनों संस्थानों की जांच कर सकती है। दोनों संस्थानों के संचालन के लिए करोड़ों रुपये एनआरएचएम से बजट आवंटित किया गया था। सीबीआई अफसरों से जब इस संबंध में बात की गई तो उन्होंने कुछ भी बोलने से मना कर दिया।