सरकार की दलील से हाईकोर्ट असंतुष्ट
सरकार की ओर से पेश अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल ने जनहित याचिका में उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग को गैर जरूरी बताया था। कहा था कि सरकार ने जांच के लिए पहले ही न्यायिक आयोग का गठन किया है। यह न्यायिक आयोग हादसे का कारण और भविष्य में बचाव के उपाय संबधी रिपोर्ट एक माह में पेश करेगा। हालांकि, सरकार की ओर से दी गई दलील से कोर्ट असंतुष्ट थी। कोर्ट ने आयोग की जांच का दायरा सीमित होने का हवाला देते हुए सरकार से रिपोर्ट तलब की थी कि हादसों में हुई मौतों और लापता लोगों का सरकार पता कैसे लगाएगी?
सोमवार को सरकार बैकफुट पर आई। कोर्ट को बताया गया कि सरकार ने न्यायिक आयोग की जांच का दायरा बढ़ा दिया है। अभी तक न्यायिक आयोग संगम क्षेत्र में हुई भगदड़ के कारणों और भविष्य में घटनाओं को रोकने के उपाय सुझाने के लिए काम कर रहा न्यायिक आयोग अब मेला क्षेत्र में हुए सभी हादसों की जांच करेगा। इस दौरान हुई जानमाल की हानि का भी पता लगाएगा। कोर्ट ने सरकार के आश्वासन पर जनहित याचिका निस्तारित कर दिया।