जल, थल और नभ से की जा रही निगरानी
अफसरों का कहना है कि मौनी अमावस्या पर जल,थल व नभ तीनों से मेला क्षेत्र की निगरानी की जा रही है। जमीन यानी थल पर सीसीटीवी कैमरों व मैनअुल सर्विलांस जबकि नदी में जल पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ व पीएसी फ्लड कंपनी के जरिए श्रद्धालुूओं की सुरक्षा की जा रही है। इसके अलावा आसमान में ड्रोन के जरिए भी मेला क्षेत्र की निगरानी की ज रही है।
डीआईजी माघ मेला डॉ. राजीव नारायण मिश्र ने बताया कि सुरक्षा संबंधी तैयारियां पूरी हैं। पुलिस अफसरों को लगातार अपने अपने क्षेत्र में भ्रमणशील रहकर सजगता बरतने को निर्देशित किया गया है। एएस चेक टीमें व डॉग स्क्वॉयड संग पूरे मेला क्षेत्र की चेकिंग को एक दिन पहले ही ऑपरेशन स्वीप चलाया जा चुका है। एंटी क्राइम टीम के साथ ही एंटी रोमियो टीम को भी तैनात किया गया है।
45 गाड़ियाें में यूपी 112 के 250 जवान भी मुस्तैद
मेले में आपात स्थिति में श्रद्धालुओं, स्नानार्थियों की त्वरित मदद के लिए भी व्यवस्था की गई है। यूपी 112 की कुल 45 गाड़ियों में 250 जवानों को पूरे मेला क्षेत्र में अलग-अलग जगहों पर तैनात किया गया है। यह जवान एक कॉल पर संबंधित की मदद के लिए पहुंचेंगे।