2011 की 72825 सहायक अध्यापक भर्ती का विवाद अभी तक नहीं थमा है। भर्ती के तहत 6110 रिक्त रह गए पदों पर नियुक्ति को लेकर मामला एक बार फिर हाईकोर्ट पहुंच गया है। रिक्त पदों को लेकर सरकार का दावा है कि उसने इन पदों को 68500 सहायक अध्यापक भर्ती में शामिल कर नियुक्तियां कर लीं, जबकि याचिका करने वाले अभ्यर्थियों का दावा है कि इन पदों को 68 हजार भर्ती में शामिल नहीं किया गया और सरकार इस मामले पर गुमराह कर रही है।
संदीप कुमार गौतम और 24 अन्य की याचिका पर सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति नीरज तिवारी ने चार सप्ताह में राज्य सरकार से जवाब मांगा है। याचिका पर 18 सितंबर को अगली सुनवाई होगी।
याचीगण के अधिवक्ता अग्निहोत्री कुमार त्रिपाठी का कहना है कि सरकार ने सुप्रीमकोर्ट में हलफनामा दिया था कि 72825 सहायक अध्यापक भर्ती में बचे रह गए 6110 पदों पर शीघ्र ही नियुक्ति कर ली जाएगी। मगर इस पर कोई नियुक्ति नहीं की गई।
अभ्यर्थियों ने इसके खिलाफ अवमानना याचिका दाखिल की। कोर्ट के निर्देश पर अपर सचिव ने अभ्यर्थियों का प्रत्यावेदन निस्तारित करते हुए कहा कि 6110 पदों को 68500 सहायक अध्यापक भर्ती में शामिल कर नियुक्तियां कर ली गई हैं इसलिए अब इस पर अलग से नियुक्ति नहीं की जाएगी। इसके बाद अभ्यर्थियों ने एससीआरटी से सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगी।
याचीगण का कहना है कि निदेशक एससीआरटी ने अपने जवाब में कहा है कि 6110 सहायक अध्यापक के पदों को 68 हजार भर्ती में शामिल नहीं किया गया है। इस पर मामले को फिर से एक बार हाईकोर्ट ने जाया गया है।