फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Prayagraj News: आधार फर्जीवाड़े का मास्टरमाइंड दो पहचान से चला रहा था नेटवर्क, दो गिरफ्तार

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
साइबर क्राइम थाना पुलिस ने आधार कार्ड बनाने और अपडेट करने के नाम पर फर्जीवाड़ा करने वाले गिरोह के मास्टरमाइंड समेत दो शातिरों को गिरफ्तार किया है। फतेहपुर के थाना चांदपुर गांव अमौली (हाल पता कानपुर बर्रा करही) निवासी मास्टरमाइंड परमात्मा शरण उर्फ विवेक और प्रतापगढ़ के महेशगंज गांव जगापुर निवासी वेंडर लवकुश यादव के पास से तीन लैपटॉप, चार मोबाइल फोन, पांच हार्ड डिस्क, तीन एसएसडी, फिंगर स्कैनर, बैंकिंग दस्तावेज और अन्य डिजिटल उपकरण बरामद हुए हैं।
साइबर पुलिस की जांच में पता चला कि गिरोह का मास्टरमाइंड परमात्मा शरण दो अलग-अलग पहचान का इस्तेमाल कर रहा था। उसने परमात्मा और विवेक नाम से अलग-अलग आधार कार्ड बनवा रखे थे। जांच में दोनों नामों से जुड़े बैंक खाते समेत अन्य दस्तावेज भी मिले हैं। इन दोनों पहचान का इस्तेमाल किन-किन कामों में किया गया और इनके जरिये कितने लेनदेन किए गए हैं, पुलिस इसकी जांच कर रही है।
विज्ञापन

गिरोह पिछले करीब सात माह से सक्रिय था और प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, कानपुर, लखनऊ, वाराणसी समेत कई शहरों में अवैध तरीके से आधार बनाने और अपडेट करने का काम कर रहा था। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वर्ष 2020 से वे आईपीएस ई सर्विस प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से विभिन्न बैंकों में आधार ऑपरेटर उपलब्ध कराते थे। दो वर्ष पहले कंपनी का बैंकों से अनुबंध समाप्त होने पर ऑपरेटरों की आईडी बंद हो गई। इसके बाद लवकुश यादव की पहचान ऐसे तकनीकी लोगों से हुई, जो क्लोनिंग और बायपास तकनीक के जरिये बंद ऑपरेटर आईडी को दोबारा सक्रिय कर देते थे।

अपडेट करने पर लिए जाते थे 250 रुपये
गिरोह एक ऑपरेटर आईडी सक्रिय करने के लिए पांच हजार रुपये प्रति सेशन वसूलता था। इसके अलावा प्रत्येक आधार कार्ड बनाने या अपडेट करने पर 250 रुपये लिए जाते थे। व्हाट्सएप पर एनीडेस्क आईडी लेकर संबंधित कंप्यूटर का रिमोट एक्सेस प्राप्त किया जाता था और फिर अनधिकृत तरीके से आधार नामांकन व अपडेट का काम किया जाता था।

प्रतिदिन तीन हजार आधार अपडेट की आशंका
पुलिस जांच में गिरोह प्रतिदिन करीब तीन हजार आधार कार्ड बनाने या अपडेट करने का काम कर रहा था। आशंका है कि अब तक 50 हजार से अधिक आधार कार्ड में अवैध तरीके से बदलाव या प्रक्रिया पूरी की गई है। पुलिस अब गिरोह के नेटवर्क की पहुंच प्रयागराज के अलावा कानपुर, फतेहपुर, वाराणसी, प्रतापगढ़, कौशाम्बी, अयोध्या, चित्रकूट समेत अन्य शहरों तक होने की भी जांच कर रही है।

फोरेंसिक रिपोर्ट से खुलेंगे राज
गिरफ्तार आरोपियों से बरामद लैपटॉप, मोबाइल फोन, हार्ड डिस्क, एसएसडी और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। साइबर पुलिस को रिपोर्ट का इंतजार है। जांच रिपोर्ट आने के बाद नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और उनकी भूमिका का पता चल सकेगा। इस मामले में इससे पूर्व धूमनगंज निवासी विवेक मिश्रा को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
विज्ञापन


इन आरोपियों की तलाश जारी
मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। वहीं, गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस सुदीप, कोमल कुमार, जितेंद्र कुमार, अभंद्रा महुली, अमित, सुनील, चित्रकूट निवासी वीर सिंह और अयोध्या निवासी शिवम सिंह की तलाश कर रही है। साइबर डीसीपी सागर जैन ने बताया कि इनकी गिरफ्तारी के बाद नेटवर्क से जुड़े कई और राज सामने आ सकते हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें