भागवतबाग निवासी विवाहिता सात अगस्त की देर रात एक बजे संदिग्ध हाल में मृत मिली थी। अधिवक्ता पति का आरोप था कि पूजा करने जाने के दौरान अज्ञात वाहन ने उसे रौंद दिया। हालांकि मामले में नया मोड़ तब आ गया जब दूसरे ही दिन आठ अगस्त की शाम को मृतका के भाई ने दहेज हत्या का केस दर्ज करा दिया।
अतरसुइया के भागवतबाग में तीन दिन पहले मृत विवाहिता की हत्या उसके ही कमरे में की गई थी। रॉड मारकर उसे मौत के घाट उतारा गया था। इसके बाद हादसे में मौत बताकर फर्जी मुकदमा दर्ज कराया गया था। पुलिस ने अधिवक्ता पति को हिरासत में ले लिया है। अन्य की तलाश की जा रही है।
विज्ञापन
भागवतबाग निवासी विवाहिता सात अगस्त की देर रात एक बजे संदिग्ध हाल में मृत मिली थी। अधिवक्ता पति का आरोप था कि पूजा करने जाने के दौरान अज्ञात वाहन ने उसे रौंद दिया। हालांकि मामले में नया मोड़ तब आ गया जब दूसरे ही दिन आठ अगस्त की शाम को मृतका के भाई ने दहेज हत्या का केस दर्ज करा दिया।
सूत्रों का कहना है कि जांच पड़ताल में पता चला कि महिला की पहले कमरे के भीतर ही लोहे की रॉड मारकर हत्या कर दी गई थी। इसके बाद हादसे में मौत की कहानी बुनी गई। पुलिस को सर्विलांस व सीडीआर के जरिए भी कई ऐसे सबूत मिले, जिससे साफ हुआ कि महिला की हत्या की गई है।
विज्ञापन
इसके बाद पुलिस ने अधिवक्ता पति को हिरासत में ले लिया है। उससे देर रात तक पूछताछ की जाती रही। उधर सूत्रों का यह भी कहना है कि घटना में फिलहाल चार लोगों की संलिप्तता की बात सामने आई है जिनमें एक महिला भी शामिल है। चारों की तलाश शुरू कर दी गई है। एसओ योगेश कुमार सिंह का कहना है कि कुछ अहम क्लू मिले हैं। जांच पड़ताल की जा रही है।