मीरगंज। थाना शाही क्षेत्र के गांव काशीपुर में विवाहिता हेमलता (22) की बृहस्पतिवार को संदिग्ध हालात में मौत हो गई। मायके वालों ने दहेज के लिए हत्या का आरोप लगाया। उन्होंने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए नहीं ले जाने दिया। फोरेंसिक टीम के साथ सीओ व नायब तहसीलदार भी गांव पहुंचे, मगर परिजन किसी की भी बात सुनने के लिए तैयार नहीं हुए। गांव में देर रात तक हंगामा जारी था।
मंसूरगंज गांव के रहने वाले गोधनलाल ने बताया कि उन्होंने करीब 14 महीने पहले बेटी हेमलता की शादी काशीपुर गांव निवासी युवक से की थी। हैसियत के मुताबिक दहेज भी दिया मगर, हेमलता के ससुराली संतुष्ट नहीं हुए। वे लोग दो लाख रुपये व गाड़ी की मांग करते। असमर्थता जताने पर बेटी को प्रताड़ित किया जाता।
बृहस्पतिवार को शाम करीब छह बजे किसी ग्रामीण ने कॉल करके बताया कि तुम्हारी बेटी की हत्या करके उसका शव फंदे से लटका दिया गया है। जब वह काशीपुर गांव पहुंचे तो बेटी का शव फर्श पर पड़ा मिला। उन्होंने पुलिस को सूचना दी तो थानाध्यक्ष शाही धर्मेंद्र कुमार विश्नोई अपने अधीनस्थों के साथ पहुंचे। कुछ देर बाद सीओ मीरगंज अजय कुमार, फोरेंसिक टीम तथा नायब तहसीलदार अरविंद कुमार भी मौके पर पहुंच गए।
पुलिस ने पंचनामा भरने की कार्रवाई शुरू की तो विवाहिता के मायके पक्ष की महिलाओं ने रोक दिया। उन्होंने कहा कि दिल्ली से उनके कुछ रिश्तेदार आ रहे हैं। इससे पहले वह शव नहीं उठने देंगे। हत्या का आरोप भी लगाया। देर रात तक यहां हंगामा जारी रहा।
ससुराली घर छोड़कर फरार
हेमलता की मौत के बाद उसके ससुराली घर छोड़कर फरार हो गए। विवाहिता के पिता ने बताया कि उनका दामाद चार दिन पहले मजदूरी के बहाने दिल्ली चला गया। वहां से कॉल करके उसने परिवार के लोगों से हेमलता की हत्या करा दी। सीओ मीरगंज अजय कुमार ने बताया विवाहिता के परिजन जो भी तहरीर देंगे उसी के आधार पर मुकदमा पंजीकृत किया जाएगा।