पांच जुलाई को शादी, छह को हुआ पंजीकरण
सोशल मीडिया पर विवाह पंजीयन प्रमाणपत्र भी वायरल
नगर निगम भोपाल में हुआ पंजीकरण, तस्वीरें भी वायरल
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। पूर्व डिप्टी मेयर की पोती दीक्षा अग्रवाल का वीडियो वायरल होने के बाद उसकी शादी का पंजीयन प्रमाणपत्र भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। प्रमाणपत्र के मुताबिक, दीक्षा व रितुराज सिंह राजपूत की शादी पांच जुलाई और विवाह का पंजीकरण छह जुलाई को हुआ। यही नहीं विवाह की तस्वीरें भी वायरल हुईं जिसे लेकर दिन भर तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं।
सोशल मीडिया पर वायरल विवाह पंजीयन प्रमाणपत्र भोपाल नगर निगम की ओर से जारी किया गया है। इसमें रितुराज व दीक्षा की तस्वीर भी लगी हुई है जिस पर कार्यालय विवाह रजिस्ट्रार की मुहर भी लगी है। इसमें रितुराज का पता 33 ए राजहर्ष कॉलोनी, कोलार रोड भोपाल लिखा हुआ है जबकि दीक्षा का पता 32 रिफ्यूजी कॉलोनी नैनी प्रयागराज अंकित है। प्रमाणपत्र में लिखा है कि दोनों पांच जुलाई को विवाह बंधन में सहबद्ध हुए हैं। जिसके फलस्वरूप विवाह पंजीकृत किया जाता है। उधर शादी की तस्वीरें भी वायरल हुआ जिसमें युवक-युवती दुल्हा-दुल्हन के परिधान में दिखाई पड़ रहे हैं।
युवक के पिता ने कहा- लगातार मिल रहीं धमकियां
उधर इस प्रकरण में युवक के पिता बीके राजपूत ने युवती के घरवालों पर अभद्रता व धमकाने का आरोप लगाया है। उनका आरोप है कि शादी की बात पता चलने के बाद पिता, दादा व अन्य रिश्तेदारों ने उनके कोलार स्थित घर पहुंचकर हंगामा किया। आरोप है कि शादी की बात पता चलने के बाद सात जुलाई को दीक्षा के पिता, दादा, बुआ व फूूफा उनके घर पहुंचे। जब उन्हें दीक्षा व रितुराज के घर पर नहीं होने की बात बताई गई तो उन्होंने अभद्रता की। आरोप है कि उन्हें लगातार धमकियां भी मिल रही हैं। आरोप यह भी है कि शनिवार दोपहर सवा तीन बजे के करीब एक बार फिर युवती के पिता व अन्य रिश्तेदार उनके घर पहुंचे और इस बार उनके साथ यूपी पुलिस के जवान भी थे। घर की तलाशी लेने से मना करने पर उन्होंने फिर हंगामा किया। जिसके चलते उनकी पत्नी बीमार हो गईं और उन्हेें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
इंजीनियर है रितुराज, अफसर हैं पिता
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, रितुराज सिंह राजपूत इंजीनियर है और वर्तमान में गुजरात के भुज स्थित एक कंपनी में कार्यरत है। उधर उसके पिता बीके राजपूत मंडी बोर्ड भोपाल में सहायक निदेशक के पद पर तैनात हैं। सूत्रों का यह भी कहना है कि रितुराज चार जुलाई को प्रयागराज आया था और पांच जुलाई को वह दीक्षा को लेकर भोपाल पहुंच गया।