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महीने भर बाद भी कारोबार बेपटरी

Fri, 09 Dec 2016 12:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद
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नोटबंदी के एक माह बाद भी बाजारों में रौनक पहले की तरह नहीं लौट पाई है। हालांकि नवंबर के मुकाबले दिसंबर की शुरुआत में जरूरत का सामान खरीदने वालों की बाजार में आवाजाही बढ़ी है लेकिन कारोबार की रफ्तार पहले के मुकाबले सुस्त ही है। फिलहाल ग्राहकों की हल्की आवाजाही से ही दुकानदारों के चेहरे खिल गए हैं। चाहे जनरल स्टोर, कपड़े के शोरूम हों या फिर रेस्टोरेंट, लोग खरीदारी के लिए जुटने लगे हैं।
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पटरी पार पुराने शहर में चौक, लोकनाथ, जानसेनगंज, बहादुरगंज, मुट्ठीगंज, कीडगंज समेत कटरा और सिविल लाइंस जैसे प्रमुख बाजारों में ग्राहकों की संख्या पहले के मुकाबले बढ़ रही है। ग्राहक अब आटा, दाल, चावल से लेकर घरेलू उपयोग के अन्य सामानों की खरीदारी कर रहे हैं। नवंबर में बाजार 60 से 70 फीसदी तक प्रभावित हुआ था लेकिन दिसंबर की शुरूआत में कारोबारी इसमें सुधार बता रहे हैं। जनरल स्टोर एसोसिएशन के अध्यक्ष दिलीप केसरवानी के मुताबिक दिसंबर के पहले सप्ताह में बाजार की स्थिति में नवंबर के मुकाबले 55 से 60 फीसदी तक सुधार हुआ है। बाजार में जितनी जल्दी पर्याप्त मात्रा में पांच सौ के नए नोट आएंगे, स्थिति इतनी तेजी से सामान्य होगी। उनका कहना है कि पिछले माह बैंकों में नोट बदलने और सरकार के किसी नए आदेश को लेकर आशंका थी, जिसकी वजह से लोग खर्च कम कर रहे हैं, लेकिन दिसंबर के पहले सप्ताह में बाजार की स्थिति बदली है।

जनरल स्टोर्स में बढ़े ग्राहक, खिले दुकानदारों के चेहरे
हीवेट रोड पर जनरल स्टोर विशाल ट्रेडर्स, चौक बताशा मंडी में कल्याण इंटरप्राइजेज हो या फिर राजापुर में मूलचंद्र जनरल स्टोर, नवंबर के मुकाबले दिसंबर की शुरुआत में इन स्टोर्स में ग्राहकों की संख्या बढ़ी है। बृहस्पतिवार को कल्याण इंटरप्राइजेज पहुंचीं जीरो रोड की सुनैना ने पूरे माह के लिए 20 किलो आटा, पांच किलो चावल, तीन किलो अरहर दाल, तेल, मसाले समेत रसोई के अन्य सामान पर्याप्त मात्रा में खरीदे। सुनैना कहती हैं कि पिछले माह सिर्फ जरूरत भर का सामान खरीदा। 100-50 के नोटों से बीच दो-तीन बार और खरीदारी करने निकलना पड़ा था। विशाल ट्रेडर्स के प्रोपराइटर विवेक साहू कहते हैं नोटबंदी का फैसला आने के बाद ग्राहकों की संख्या अचानक कम हो गई थी। पहले जहां प्रतिदिन 40-50 या उससे अधिक ग्राहक आते थे, नोटबंदी के बाद यह संख्या 10-15 तक सीमित हो गई और ग्राहक सीमित मात्रा में ही सामान खरीद रहे थे। मूलचंद्र जनरल स्टोर के मालिक प्रमिल केसरवानी भी ग्राहकों की संख्या लगातार बढ़ने से खुश हैं।
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कपड़ों की खरीदारी भी बढ़ी
सिविल लाइंस स्थित रेडीमेड कपड़े के शोरूम निमंत्रण, रेडीमेड समेत वेडिंग कलेक्शन के शोरूम सरस्वती मेंस वियर, कटरा में क्लासिक गारमेंट में भी ग्राहकों की संख्या में इजाफा हुआ है। सरस्वती मेंस वियर के प्रोपराइटर राजू जादवानी कहते हैं पिछले माह जबरदस्त लगन के बावजूद कपड़ों की खरीदारी कम रही लेकिन अब लोग खरीदारी कर रहे हैं। लगन के मद्देनजर सूट, शेरवानी, ब्लेजर, ट्राउजर, शर्ट आदि की बिक्री बढ़ी है। कटरा स्थित आंचल साड़ी शोरूम में बृहस्पतिवार को विवाह के लिए साड़ियां समेत अन्य कपडे़ खरीदने कई महिलाएं पहुंचीं। प्रोपराइटर अनिल गुप्ता कहते हैं कि पिछले माह के मुकाबले अब ग्राहकों की संख्या करीब 40 फीसदी बढ़ी है। निमंत्रण के प्रोपराइटर अजीत श्रीवास्तव के मुताबिक जीन्स, जैकेट, स्वेटर, कोट आदि खरीदने के लिए युवाओं की संख्या की बढ़ी है।

नए नोट से सुधरा ट्रांसपोर्ट कारोबार, चेक से भी हो रहा भुगतान
ट्रांसपोर्ट कारोबार में भी दिसंबर में खासी बढ़ोतरी हुई है। नोटबंदी के फैसले के बाद सड़कों से ट्रकें गायब होने के कारण यह कारोबारी काफी प्रभावित हुआ था। बाजार में नए नोट आने के बाद ट्रांसपोर्ट नगर, मुट्ठीगंज और नैनी में प्रतिदिन करीब 70 ट्रक माल पहुंच रहा है। इसमें कपड़े, मसाला, तेल, आटा, चावल, दाल, ऊलेन आइटम, होजरी, मशीनरी आइट्मस, हार्डवेयर आदि सामान शामिल है। ट्रांसपोर्टर कुलदीप मिश्री की मानें तो नोटबंदी का फैसला होने के बाद 10 से 25 नवंबर के बीच इलाहाबाद में बमुश्किल 20-25 ट्रक माह पहुंच रहा था लेकिन अब पर्याप्त मात्रा में दो हजार के नोट आ जाने से ट्रक भाड़े की समस्या खत्म हो गई है। इसके अलावा माल मंगाने वाले चेक से भी भुगतान कर रहे हैं।
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