बिना हेलमेट पेट्रोल न देने संबंधी डीएम के फरमान का अनुपालन कराने में बृहस्पतिवार को पूरा प्रशासनिक अमला जुट गया। दोपहर तक शहर के 24 पेट्रोल पंपों पर पुलिस के साथ अफसर डटे रहे। जहां अफसर रहे वहां एक हेलमेट पर कई लोगों ने पेट्रोल भराया। पंपों पर वाहन सवारों से हेलमेट मांगने का दौर सुबह से शाम तक चला। दोपहर बाद पंपों पर बिना हेलमेट लगाए लोगों को धड़ल्ले से पेट्रोल दिया गया। इस दौरान एआरटीओ और यातायात पुलिस ने हेलमेट न लगाने पर1000 दोपहिया वाहन चालकों का चालान किया।
जिलाधिकारी ने बिना हेलमेट लगाए वाहनों चालकों को पेट्रोल न देने का आदेश जारी किया था। इसके लिए खास तैयारी की गई। सभी पंप संचालकों को निर्देश जारी करने के साथ लगभग हर पंप पर प्रशासन, आपूर्ति ,आरटीओ, यातायात पुलिस के साथ सिविल डिफेंस आदि संगठनों के स्वयंसेवकों को लगाया गया। खास नजर कम उम्र के उन बच्चों पर रही जो स्कूटी और बाइक चलाते हैं। पंपों पर ऐसे बच्चों को रोककर पुलिस और अफसरों ने घर से उनके अभिभावकों को हेलमेट के साथ बुलाया और फिर हिदायत के साथ भेजा। कई लोग वाहन पेट्रोल पंपों पर खड़ा कर घर से हेलमेट लाने के बाद ही पेट्रोल भरा सके। इस दौरान लोगों को जागरूक भी किया गया। बात न मानने वालों को टॉफी देकर वापस किया गया।
एसपी यातायात कुलदीप सिंह के मुताबिक पेट्रोल पंपों के साथ देर शाम तक शहर भर में चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान करीब हेलमेट न लगाने वाले करीब एक हजार लोगों का चालान किया गया। कार्रवाई में शामिल एआरटीओ आरके सिंह ने बताया कि विभाग की टीम ने तीन दर्जन हेलमेट न लगाने वाले और कार में सीट बेल्ट न लगाने वाले 10 लोगों का चालान किया गया। कार्रवाई में एडीएम आपूर्ति अमर पाल सिंह के साथ सभी सप्लाई इंस्पेक्टर, सिविल डिफेंस के चीफ वार्डेन अनिल कुमार, दुकानजी आदि भी शामिल रहे।