ऐसे में कई अभ्यर्थी बहुत ही मामूली अंकों के अंतर से चयनित होने से वंचित रह गए। आयोग के अध्यक्ष प्रो. ईश्वर शरण विश्वकर्मा ने इसकी जांच भी शुरू करा दी है। वहीं, अभ्यर्थियों का दावा है कि अगर मूल्यांकन सही तरीके से हुआ तो उनका चयन तय है। परिणाम संशोधित होने के बाद ऐसे अभ्यर्थी मेरिट में शामिल हो जाएंगे। असिस्टेंट प्रोफेसर की सीटें निर्धारित है, सो मेरिट में नीचे रह गए अभ्यर्थियों को नियुक्ति के बाद भी नौकरी से वंचित होना पड़ेगा।
‘जल्द ही चारों विषयों के संशोधित परिणाम जारी किए जाएंगे। इन विषयों के परिणाम में किसकी लापरवाही से गड़बड़ी हुई, इसकी जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - ’ दयानंद प्रसाद, सचिव, यूपीएचईएससी