सीरियल किलर ने जितने भी लोगों को मारा, उनमें से सभी मजदूर वर्ग के थे। यही वजह रही कि पुलिस इन मामलों के खुलासे को लेकर गंभीर नहीं रही। उधर अफसर भी बेफिक्र रहे और खुलासे के लिए मातहतों पर किसी तरह का दबाव नहीं बनाया। नतीजा यह हुआ कि बेखौफ होकर सीरियल किलर वारदातों को अंजाम देता रहा। छह महीने तक वह लोगों को घूम-घूमकर मारता रहा और पुलिस हादसा बताकर मामलों से पल्ला झाड़ती रही। हड़कंप तब मचा जब एटीएस, एनएसजी, पैरामिलिट्टी फोर्स व 20 हजार जवानों से लैस सुरक्षा व्यवस्था वाले मेला क्षेत्र में युवक की हत्या हुई। तब अफसरों की नींद टूटी और इसके बाद चेकिंग अभियान चलाकर आरोपी को पकड़ा गया।
दो और लोग थे निशाने पर
पुलिस ने बताया कि जिस वक्त आरोपी को पकड़ा गया, उसके निशाने पर दो और लोग थे। वह दो और लोगों को मारने जा रहा था कि तभी उसे दबोच लिया गया। कोतवाली में हुई घटना के सीसीटीवी फुटेज में दिखा संदिग्ध मेला क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज में नजर आया था। इसके बाद पुलिस इसकी तलाश में जुटी और चेकिंग के दौरान वह हत्थे चढ़ गया।
घरवाले बोले- नहीं है कोई रिश्ता
नौ लोगों की हत्या के आरोप में गिरफ्तार कलुवा के घरवालों ने उससे काफी पहले ही रिश्ते खत्म कर लिए थे। पिता उदयराज घर के पास ही छोटी से दुकान चलाता है। उसने बताया कि कलुआ की गलत आदतों के चलते ही परिवार के लोग उससे बहुत मतलब नहीं रखते थे। पिछले साल वह बिना बताए घरवालों को कहीं चला गया था जिसके करीब 10 महीने बाद लौटा। कुछ दिनों तक रहने के बाद वह मैजिक ले आया। बाद में पता चला कि मैजिक चोरी की थी। इसके बाद उसे घर से निकाल दिया गया। चार भाइयों में बड़े कलुवा की शादी नहीं हुई है।