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सीरियल किलिंग: पुलिस की लापरवाही से गई कई निर्दोषों की जान, हादसे बताकर पल्ला झाड़ते रहे थानेदार

Fri, 25 Jan 2019 10:36 PM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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सीरियल किलर के पकड़े जाने के बाद भले ही पुलिस अपनी पीठ थपथपा रही हो, लेकिन सच यह है कि पुलिस की लापरवाही के चलते ही कई निर्दोषों को जान गंवानी पड़ी। दरअसल लगातार वारदातों के होने के बाद भी पुलिस ने इन मामलों को गंभीरता से नहीं लिया। बल्कि कुछ मामलों में तो थानेदार हत्या को हादसा बताते रहे। पुलिस पल्ला झाड़ती रही और सीरियल किलर निर्दोषों की जान लेता रहा।

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शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में अफसरों ने बताया कि सीरियल किलर ने पहली वारदात चार जुलाई को अंजाम दी। कीडगंज में बाईका बाग पार्क में सोते समय गला काटकर दो लोगों को मौत के घाट उतारा गया था। इसके बाद उसने दारागंज परेड मैदान में युवक की हत्या की। फिर कोतवाली में कोठापार्चा के पास सो रहे मजदूर को मार डाला। इसके बाद कीडगंज में 10 व 13 जनवरी को क्रमश: त्रिवेणी दर्शन होटल व उदासीन अखाड़ा के पास दो लोंगों को काट डाला।

18 जनवरी को शास्त्री पुल के पास तीन लोगों पर कुल्हाड़ी से हमला किया, जिसमें दो की मौत हो गई जबकि एक का अस्पताल में इलाज चल रहा है। 21 जनवरी को मेला क्षेत्र में युवक की हत्या की गई। इनमें से पांच मामले ऐसे रहे जिन्हें पुलिस हत्या की बात से इंकार करते हुए इन्हें हादसा बताती रही। दारागंज परेड मैदान, कीडगंज उदासीन अखाड़ा, शास्त्री पुल दोहरा हत्याकांड व मेला क्षेत्र में हुई वारदातों मेें संबंधित थानेदार हत्या की बात से इंकार करते रहे। कीडगंज, दारागंज व अखाड़ा थाना प्रभारी यही कहते रहे कि मृतक हादसे का शिकार हुए।

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पुलिस खुलासे को लेकर नहीं थी गंभीर

सीरियल किलर ने जितने भी लोगों को मारा, उनमें से सभी मजदूर वर्ग के थे। यही वजह रही कि पुलिस इन मामलों के खुलासे को लेकर गंभीर नहीं रही। उधर अफसर भी बेफिक्र रहे और खुलासे के लिए मातहतों पर किसी तरह का दबाव नहीं बनाया। नतीजा यह हुआ कि बेखौफ होकर सीरियल किलर वारदातों को अंजाम देता रहा। छह महीने तक वह लोगों को घूम-घूमकर मारता रहा और पुलिस हादसा बताकर मामलों से पल्ला झाड़ती रही। हड़कंप तब मचा जब एटीएस, एनएसजी, पैरामिलिट्टी फोर्स व 20 हजार जवानों से लैस सुरक्षा व्यवस्था वाले मेला क्षेत्र में युवक की हत्या हुई। तब अफसरों की नींद टूटी और इसके बाद चेकिंग अभियान चलाकर आरोपी को पकड़ा गया। 

दो और लोग थे निशाने पर
पुलिस ने बताया कि जिस वक्त आरोपी को पकड़ा गया, उसके निशाने पर दो और लोग थे। वह दो और लोगों को मारने जा रहा था कि तभी उसे दबोच लिया गया। कोतवाली में हुई घटना के सीसीटीवी फुटेज में दिखा संदिग्ध मेला क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज में नजर आया था। इसके बाद पुलिस इसकी तलाश में जुटी और चेकिंग के दौरान वह हत्थे चढ़ गया। 

घरवाले बोले- नहीं है कोई रिश्ता
नौ लोगों की हत्या के आरोप में गिरफ्तार कलुवा के घरवालों ने उससे काफी पहले ही रिश्ते खत्म कर लिए थे। पिता उदयराज घर के पास ही छोटी से दुकान चलाता है। उसने बताया कि कलुआ की गलत आदतों के चलते ही परिवार के लोग उससे बहुत मतलब नहीं रखते थे। पिछले साल वह बिना बताए घरवालों को कहीं चला गया था जिसके करीब 10 महीने बाद लौटा। कुछ दिनों तक रहने के बाद वह मैजिक ले आया। बाद में पता चला कि मैजिक चोरी की थी। इसके बाद उसे घर से निकाल दिया गया। चार भाइयों में बड़े कलुवा की शादी नहीं हुई है। 
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