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रोस्टर में बदलाव के खिलाफ अनिश्चितकालीन हड़ताल, हाईकोर्ट के वकीलों ने कहा- नई प्रणाली हो वापस

Fri, 25 Jan 2019 10:28 PM IST
vivek shukla न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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Allahabad High Court
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हाईकोर्ट में लागू नई रोस्टर प्रणाली से नाराज अधिवक्ताओं ने शुक्रवार को दोपहर के बाद न्यायिक कार्य का बहिष्कार करते हुए अनिश्चतकालीन हड़ताल की घोषणा कर दी है। नई प्रणाली को लेकर वकीलों में भ्रम की स्थिति भी है। उनका कहना है कि इसे लागू करने से पहले बार के सदस्यों को विश्वास में नहीं लिया गया। बार का कामकाज देख रही एल्डर कमेटी ने वकीलों की मांग पर दिन में एक बजे लाइब्रेरी हॉल में आम सभा बुलाई थी।

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आम सभा में एल्डर कमेटी के चेयरमैन वीसी मिश्र के अलावा आगामी चुनाव में अध्यक्ष और महासचिव पद के प्रत्याशीगण भी उपस्थित थे। सभा में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जब तक रोस्टर वापस नहीं लिया जाता है, अधिवक्ता न्यायिक कार्य नहीं करेंगे। एल्डर कमेटी ने हड़ताल का संचालन करने के लिए अध्यक्ष और महासचिव पद के सभी प्रत्याशियों की एक कमेटी भी बना दी है। आम सभा में यह भी घोषणा की गई कि न्यायिक कार्य से विरत रहने के बावजूद चुनाव निर्धारित एक फरवरी को ही कराया जाएगा।

इसलिए लिया हड़ताल का निर्णय
एल्डर कमेटी का कहना है कि आम सभा ने हड़ताल पर जाने का निर्णय इसलिए लिया क्योंकि इलाहाबाद हाईकोर्ट और इसकी लखनऊ खंडपीठ में अलग अलग नियम लागू किए गए हैं। सीआईएस इलाहाबाद में लागू है मगर, लखनऊ में नहीं। इसी प्रकार से नया रोस्टर सिस्टम भी इलाहाबाद में लागू किया गया है, लखनऊ पीठ में नहीं।
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इलाहाबाद में इसे 28 जनवरी से लागू किया जाना है। एल्डर कमेटी का कहना है कि इस संबंध में मुख्य न्यायमूर्ति से वार्ता करने का प्रयास किया गया मगर, उनसे वार्ता नहीं हो सकी। यह मांग की गई थी नई कार्यकारिणी के गठन तक नया रोस्टर लागू न किया जाए मगर इसका कोई जवाब नहीं मिला, इसलिए हड़ताल का निर्णय लेना पड़ा।

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पारदर्शी और फूलप्रूफ है नया रोस्टर: हाईकोर्ट


हाईकोर्ट द्वारा मुकदमों की सुनवाई के लिए लिस्टिंग की नई व्यवस्था को पहले की तुलना अधिक पारदर्शी और फूलप्रूफ बताया गया है। निबंधक प्रोटोकॉल आशीष कुमार श्रीवास्तव द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के मुताबिक मुकदमों की लिस्टिंग का पूरा सिस्टम अब आटोमैटिक होगा। ऐसा सॉफ्ट वेयर विकसित किया गया, जिसमें मैन्युअल हस्तक्षेप की कोई गुंजाइश नहीं होगी।

कौन मुकदमा किस बेंच को एलाट किया गया, इसकी जानकारी रजिस्ट्री में बैठे कर्मचारियों को भी एलाटमेंट के बाद ही हो सकेगी। कोई भी केस बीच में अलग से नहीं डाला जा सकेगा। मुकदमों का एलाटमेंट ऐसे व्यक्ति द्वारा किया जाएगा, जिसका दाखिले के काउंटर से कोई लेना देना नहीं होगा। किस वकील का केस कहां लिस्ट हुआ है, इसकी जानकारी उसका एसएमएस के जरिए सीधे भेज दी जाएगी। समान क्षेत्राधिकारी वाले मुकदमों की सूची उस क्षेत्राधिकार की हर बेंच में उपलब्ध रहेगी।

उदाहरण के लिए रिट सी सिंगल बेंच के क्षेत्राधिकार यदि छह पीठों को दिए गए हैं तो इसकी पूरी सूची इन सभी छह पीठों में उपलब्ध रहेगी। अधिवक्ता कहीं से भी अपने मुकदमे की स्थिति जान सकेंगे कि वह किस बेंच में लगा है।

समान श्रेणी के मुकदमों की सुनवाई के लिए जितनी भी पीठें बनाई गई हैं, उन सभी पीठों में फ्रेश दाखिल मुकदमे एक समान रूप से वितरित कर भेज दिए जाएंगे। जैसे रिट सी श्रेणी के खंडपीठ द्वारा सुने जाने वाले मुकदमों के लिए चार खंड पीठें गठित की गई हैं। इसी श्रेणी के सिंगल बेंच द्वारा सुने जाने वाले मुकदमों के लिए छह पीठें बनाई गई हैं।

मुकदमों को एलाट करने का तरीका इस प्रकार होगा कि उसमें कोई बाहरी हस्तक्षेप नहीं हो सकता। सभी केसों को कंप्यूटर दिन में सिर्फ एक बार स्पिन करेगा फिर उसे बराबर हिस्सों में बांट कर उस क्षेत्राधिकारी के लिए नामित सभी पीठों में भेज देगा। इसमें किसी बाहरी हस्तक्षेप की गुंजाइश नहीं है।
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