पक्षियों के मरने के दो मामले और प्रकाश में आए। इसमें दो जगहों पर आधा दर्जन के करीब पक्षियों के शव मिले हैं। पक्षियों के शव जहां मिले हैं वहां उनके मुताबिक माहौल था यानी वहां चोट, विद्युत करंट जैसी कोई चीजें नहीं थीं। इसको लेकर लोगों कें संशय बरकरार है। एक पक्षी के शव को वन विभाग पोस्टमार्टम के लिए ले गया।
कुंडा के शहाबपुर में नहर के किनारे पेड़ों पर पक्षियों के झुंड रहते हैं। यहीं पर एक साथ तीन पक्षियों के शव पाए गए हैं। लोगों ने उनके शव देखे तो उनमें चर्चा होने लगी। इसे देखने को लोगों की भीड़ इकट्ठी हो गई। हालांकि इसी दौरान दो पक्षियों के शव को कौवें खाने के लिए उठा ले गए। तीसरे पक्षी के शव को वसुंधरा संस्था के अध्यक्ष राजेश प्रभाकर ने डिब्बे में भरकर रख दिया। इसके बाद वन विभाग को इससे सूचित कर दिया।
मौके पर पहुंचे रेंजर पक्षी के शव को कुंडा में पोस्टमार्टम कराने की बात कहते हुए ले आए। उधर बाबागंज विकास खंड के नया का पुरवा में भी तीन पक्षी मृत पाए गए। इसको लेकर ग्रामीणों में चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। लोगों ने इसकी सूचना विभाग को दी लेकिन मौके पर कोई नहीं पहुंचा। पक्षियों की मौत लगातार हो रही है लेकिन इसको लेकर अभी विभागीय लोगों में जागरूकता नहीं आई है। फिलहाल इन मौतों को सामान्य माना जा रहा है। इसके पूर्व में मानिकपुर के राजघाट, कालांाकर के जाजूपुर में पक्षियों की मौत भी हो चुकी है।