mansoon express will reach prayagraj in the first weak of june
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बंगाल की खाड़ी से चली मानसूनी हवाओं ने शनिवार की शाम को शहर में दस्तक दे दी। इससे पारा तेजी से लुढ़का और मौसम सुहाना हो गया। लोगों को भीषण गर्मी व उमस से राहत भी मिली। हालांकि 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं ने जिले में बिजली, टेलीफोन के इंतजामों को हिला कर रख दिया। इस दौरान कई जगह टिन शेड, होर्डिंग,पेड़ उखड़ने से कई जगह यातायात भी बाधित हुआ। वहीं शहर के तमाम इलाकों में बिजली आपूर्ति भी ठप पड़ गई।
बाबतपुर एयरपोर्ट स्थित मौसम केंद्र के अनुसार शनिवार को देर शाम 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं ने जमकर तबाही मचाई। हवाओं की तीव्रता की वजह से जिले में सैकड़ों पेड़ उखड़ गए। बिजली और टेलीफोन के तकरीबन तीन सौ से अधिक खंभे भी टूट गए या धराशायी हो गए। इस वजह से जगह-जगह यातायात तो बाधित हुआ ही, बिजली की आपूर्ति भी धड़ाम हो गई।
मौसम के जानकारों का कहना है कि लॉकडाउन के दौरान हवा में ‘सस्पेंडेड पार्टिकुलेट मैटर’ की मात्रा बिल्कुल कम हो जाने की वजह से वायु प्रदूषण खत्म हो गया है। इससे समय से मानसून के सक्रिय होने के संकेत मिले हैं। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के मौसम विशेषज्ञ प्रोफेसर एचएन मिश्रा के मुताबिक बंगाल की खाड़ी से मानसून हवाएं सक्रिय हो गई हैं। मानसूनी हवाओं ने शनिवार को पूर्वांचल में दस्तक दे दिया। इससे लो प्रेशर एरिया बनने की वजह से अब किसी भी समय बारिश हो सकती है। ऐसे में हर हाल में जून के पहले सप्ताह में मानसून एक्सप्रेस प्रयागराज पहुंच जाएगी।