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मंगला प्रसाद हत्याकांड: जेल से रची गई साजिश, एसओ का हत्यारोपी निकला मास्टरमाइंड

Wed, 30 Mar 2022 01:55 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
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crime - फोटो : amar ujala
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करछना में ब्लॉक संविदाकर्मी मंगला प्रसाद पांडेय की हत्या का मंगलवार को खुलासा हो गया। इस हत्याकांड को फतेहगढ़ जेल में बंद कुख्यात अपराधी व बारा एसओ के हत्यारोपी राजा पांडेय ने अपने रिश्तेदारों व भाड़े के कातिलों से अंजाम दिलवाया था। जेल के भीतर ही वारदात की साजिश रची गई थी। वारदात में शामिल सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि पांच फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।
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16 मार्च को वीरपुर गांव निवासी और कौंधियारा बीआरसी में संविदा पर तैनात कंप्यूटर ऑपरेटर मंगला की मड़वा गांव के पास हत्या कर दी गई थी। टक्कर मारकर कुचलने के बाद क्वालिस में खींचकर उसकी हत्या कर बदमाश फरार हो गए थे। परिजनों ने पुरानी रंजिश में हत्या का आरोप लगाते हुए एक नामजद व अन्य अज्ञात पर केस दर्ज कराया।


जिस पर एसपी यमुनापार सौरभ दीक्षित के नेतृत्व में एसओजी व सर्विलांस टीम खुलासे में लगीं। पुलिस ने नामजद आरोपी राजधर द्विवेदी को हिरासत में लिया तो कुछ अहम बातें सामने आईं। इसके अलावा सर्विलांस व अन्य माध्यमों से मिली जानकारियों के आधार पर छह अन्य लोगों को गिरफ्तार किया और मामले का खुलासा कर दिया।
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इस वजह से कराया गया कत्ल
अफसरों के मुताबिक, आरोपियों से पूछताछ में खुलासा हुआ कि मृतक मंगला के पिता लालता प्रसाद की हत्या 2018 में कर दी गई थी जिसमें राजा पांडेय व उसका साथी विद्याकांत विश्वकर्मा जेल में हैं। मंगला इस मुकदमे में गवाह था और उसकी 30 मार्च को गवाही थी। उसकी गवाही बेहद अहम थी और माना जा रहा था कि उसकी गवाही से आरोपियों को सजा हो सकती है। यही वजह थी उसकी हत्या करा दी गई।

90 हजार रुपये दिए थे एडवांस
हत्याकांड की साजिश फर्रुखाबाद की फतेहगढ़ जेल में बंद राजा पंाडेय ने रची। उसने सबसे पहले अपने पूर्व परिचित प्रतापगढ़ के लालगंज निवासी दीपक से संपर्क किया और उसे हत्या की सुपारी दी। दीपक ने इस काम में अपने साथियों सचिन पटेल, सचिन यादव, विजय यादव, अनुज तिवारी व राहुल बाल्मिीकि को शामिल किया और 90 हजार रुपये एडवांस में ले लिए।

योजना के तहत दीपक राजा के साले औद्योगिक थाना क्षेत्र के मसिका में रहने वाले राहुल दुबे और ससुर राजधर द्विवेदी व साथी महेंद्र पटेल से मिला। जिन्होंने उसे न सिर्फ एडवांस रकम दी बल्कि रेकी का भी काम किया। अफसरों ने बताया कि दीपक व उसके साथी गिरोह संचालित करते हैं, जो डकैती के मामले में जेल जा चुकेहैं और इसी दौरान उनकी मुलाकात राजा से हुई।

यह हुए गिरफ्तार
राजधर द्विवेदी निवासी मसिका, महेंद्र पटेल निवासी वीरपुर करछना, सचिन पटेल, सचिन यादव, विजय यादव निवासी लालागंज प्रतापगढ़, अनुज तिवारी निवासी रायबरेली, राहुल वाल्मिीकि निवासी देहरादून उत्तराखंड। मामले में मुख्य अभियुक्त राजा पांडेय का साला राहुल दुबे, भाई कमलेश, पिता चंद्रमा, सहयोगी नान उर्फप्रतीक और सुपारी लेने वाले गिरोह के सरगना दीपक समेत पांच फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। 

पेचकस से गोदकर मारा था, गर्दन पर किए 21 वार
प्रयागराज। हत्यारोपियों से पूछताछ में एक ऐसी भी बात सामने आई जिसे सुनकर पुलिसकर्मी भी स्तब्ध रह गए। हत्यारोपियों ने बताया कि  उन्होंने मंगला को पेचकस से गोदकर मारा था। गाड़ी में सचिन पटेल, सचिन यादव, विजय यादव, अनुज तिवारी व राहुल थे। जिनमें से सचिन ने मंगला के गले में पेचकस से 21 वार किए थे। विजय व सचिन यादव ने टक्कर मारने के बाद उसे गाड़ी में लादा था जबकि अनुज गाड़ी चला रहा था। हत्यारे एक दिन पहले ही आ गए थे जिन्हें गिरफ्तार लोगों में शामिल महेंद्र ने अपने खेत में रुकवाया और खाने-पीने का इंतजाम किया था। साथ ही मंगला की पहचान भी कराई थी। वारदात के बाद हत्यारोपी उत्तराखंड भाग निकले थे।
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सुपारी कितने में दी गई, यह अभी साफ नहीं है। फरार चल रहे पांच हत्यारोपियों की तलाश में टीमें लगा दी गई हैं। अजय कुमार, एसएसपी
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