हफ्ता भर पहले ब्रेन हैमरेज के बाद अस्पताल में थीं भर्ती
आगरा में दी गई अंतिम सलामी, वहीं हुई अंत्येष्टि
प्रयागराज। महिला थाना प्रभारी इंस्पेक्टर ममता पवार की शनिवार की रात पीजीआई लखनऊ में मौत हो गई। घर वालों के आग्रह पर शव को वहीं से आगरा भेज दिया गया। वहीं पर अंतिम सलामी के बाद उनकी अंत्येष्टि कर दी गई। हफ्ता भर पहले महिला थाना परिसर में इंस्पेक्टर ममता पवार को ब्रेन हैमरेज हो गया था। यहां से डाक्टरों ने उन्हें पीजीआई रिफर कर दिया था।
मूल रूप से बागपत की रहने वाली ममता पवार लगभग दो महीने पहले ही सिविल लाइंस थाने में प्रभारी के पद पर तैनात हुई थीं। उनके पति अधिवक्ता हैं और वह आगरा में प्रैक्टिस करते हैं। सात साल की एक बेटी है जो पति के साथ ही रहती है। रोज की तरह सोमवार रात भी वह थाना परिसर स्थित अपने आवास में सोने चली गईं। सुबह 10 बजे तक नहीं उठने पर थाने पर तैनात पुलिसकर्मी उन्हेें जगाने पहुंचे। बहुत आवाज देने के बाद भी जवाब नहीं मिला तो उन्हें शंका हुई। इसके बाद खिड़की के पास लगी प्लाई हटाकर देखा गया तो वह बिस्तर पर बेसुध पड़ी थीं। लोग किसी तरह कमरे में दाखिल हुए तो उनके मुंह से हल्का झाग भी निकला दिखा। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया। डाक्टरों ने बताया कि उन्हें ब्रेन हैमरेज हुआ है। गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें पीजीआई लखनऊ रिफर कर दिया गया था। एसएसपी अनिरुद्ध सत्यार्थ पंकज ने बताया कि शनिवार की रात तकरीबन दो बजे ममता की मौत हो गई। पति समेत परिवार के अन्य लोगों ने आग्रह किया कि उनके शव को आगरा भेज दिया जाय। एसएसपी ने आगरा के एसएसपी से बात कर शव को रात में ही आगरा भेजने की व्यवस्था कर दी। रविवार को वहां पुलिस लाइन में इंस्पेक्टर ममता पवार को अंतिम सलामी दी गई। इसके बाद उनका अंत्येष्ठि की गई।