जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर की 2615 वीं जयंती रविवार को धूमधाम से मनाई गई। जीरो रोड स्थित दिगंबर जैन मंदिर समेत शहर के जैन मंदिरों में विविधतापूर्ण आयोजन हुए। प्रभात फेरी निकाली गई। जियो और जीने दो का जयघोष गूंजा।
दिगंबर जैन पंचायती सभा की ओर से जीरो रोड दिगंबर जैन मंदिर में महावीर जयंती समारोह की शुरुआत सुबह प्रभात फेरी से हुई। ध्वजारोहण के बाद साध्वी अहिंसा श्री, सिद्ध श्री एवं साधु सुविधि के नेतृत्व में हाथी, घोड़े संग जीरो रोड से निकाली गई शोभायात्रा, बहादुरगंज, चौक, बजाजा पट्टी, जानसेनगंज, हीवेटरोड, एसीबसु रोड होते हुए जैन मंदिर पहुंचकर समाप्त हुई।
तीर्थंकर महावीर की प्रतिमा रथपर विराजमान थी। जैन विद्यालय के विद्यार्थियों ने बैंड पर धार्मिक धुनें बजाईं। शोभायात्रा में शामिल महिला-पुरुष भक्ति गीत एवं महावीर के संदेश ‘जियो और जीने दो’, ‘शाकाहार अपनाओ’ का नारा लगाते हुए चले। सुशील कुमार जैन एवं बीना जैन ने तीर्थंकर महावीर के माता-पिता की भूमिका का निर्वाह किया। वहीं अखिलेश चंद्र जैन, कुबेर निर्मल जैन सारथी बने। इंद्र वेष धारण कर आलोक जैन, विवेक जैन, अशोक जैन, महेश जैन, तरुण जैन चंवर डुलाते चले।
दिगंबर जैन मंदिर में तीर्थंकर महावीर का अभिषेक 108 कलशों के जल से हुआ। मंगल आरती, शांति धारा वीरेंद्र जैन, सुनील जैन के निर्देशन में हुई। जैन महिला मंडल की सदस्यों ने पालना झुलाकर बधाई गीत गए। साध्वी सिद्ध श्री ने महावीर के संदेशों को आत्मसात करने और महिलाओं के सम्मान रक्षा पर जोर दिया। जैन महिला मंडल की मंत्री बाला जैन ने महावीर के बताए रास्ते पर चलकर विश्व में शांति स्थापित होने की बात कही। डॉ.पीके भदौरा ने महावीर के कार्यों को रेखांकित किया।
कर्नलगंज स्थित जैन छात्रावास के पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में रविवार को तीर्थंकर महावीर का जन्म कल्याणक महोत्सव श्रद्धा एवं उल्लासपूर्वक मनाया गया। वक्ताओं ने कहा, भगवान महावीर के बताए रास्ते पर चलकर विश्वशांति संभव है।
सचिव अरुण जैन की देखरेख में सुबह जिनाभिषेक एवं आरती हुई । इसके बाद नित्य नियम पूजा, तीर्थंकर महावीर का पूजन किया गया। बाद में महावीर को पालना झुलाने की होड़ मची। इस अवसर पर बधाई गीत भी गाए गए। सांस्कृतिक कार्यक्रम में भजनों की प्रस्तुतियां मंत्रमुग्ध करती रहीं।
महावीर जयंती पर सरकार के आदेश के बावजूद मीट की दुकानें खुली रहने पर जैन समाज के लोगों ने रोष व्यक्त किया है। इन दुकानों को बंद कराने के लिए स्थानीय स्तर पर जैन समाज की ओर से मांग की गई थी। जैन जागृति समिति की ओर से नगर निगम पशुधन अधिकारी को पत्र भेजा गया था लेकिन महावीर की जयंती पर प्रतिबंध के बावजूद मीट की अधिकतर दुकानें खुली रहीं।