इलाहाबाद। श्रावणी पूर्णिमा पर शनिवार को ब्राह्मण समाज केलोगों ने जाने-अनजाने साल भर में की गई भूल के लिए महाप्रायश्चित संकल्प लिया। संगम, दशाश्वमेधघाट सहित गंगा के विभिन्न तटों पर पंचगव्य एवं पंचामृत से स्नान कर सप्त ऋषियों का विधिविधान से पूजन अर्चन के बाद नए जनेऊ को अभिमंत्रित कर धारण किया।
शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के शिष्य एवं मनकामेश्वर मंदिर के व्यवस्थापक स्वामी श्रीधरानंद ब्रह्मचारी की अगुवाई में शंकराचार्य आश्रम में आचार्य, पुरोहित एवं विद्यार्थियों ने मनकामेश्वर घाट पर पंचगव्य पंचामृत स्नान किया। आचार्य दिवाकर त्रिपाठी ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ सप्तऋषियों के निमित्त पूजन कराया। इसमें प्रवीण नौटियाल, रामचंद्र मिश्रा, अनूप त्रिपाठी, विद्याकांत शुक्ला, राधे आदि शामिल थे।
श्री ज्योतिष्पीठ संस्कृत महाविद्यालय के आचार्य एवं विद्यार्थियों ने सचिव आचार्य छोटे लाल मिश्र की अगुवाई में रामघाट पर महाप्रायश्चित संकल्प के साथ सप्तऋषि पूजन कर जनेऊ बदला। अखिल भारतीय सनातन ब्राह्मण समाज की ओर से रामघाट पर महामंत्री मुकेश पाठक की अगुवाई में श्रावणी उपाकर्म हुआ। इसमें सुशील पाठक, डॉ.सुधीर तिवारी, आचार्य किशोर पाठक, जयप्रकाश मिश्र आदि कार्यक्रम मे शामिल हुए।
अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा की ओर से दारागंज स्थित दशाश्वमेधघाट पर राष्ट्रीय विधि संयोजक मधु चकहा की अगुवाई में पंचगव्य स्नान कर महाप्रायश्चित संकल्प लिया गया। सप्तऋषि पूजन अर्चन कर नया यज्ञोपवीत धारण किया और धर्म की सेवा, त्रिकाल संध्या और नशामुक्ति का संकल्प दोहराया गया।