कुछ समय पहले यह बात सामने आई थी कि अमर गिरि ने बयान दिया था कि उन्होंने तहरीर नहीं दी। उन्होंने हाईकोर्ट में हलफनामा भी दिया था। जानकारों का कहना है कि अमर गिरि अपने बयान पर कायम रहे तो केस चार्जशीट के मुताबिक ही चलेगा।
महंत नरेंद्र गिरि प्रकरण में अमर गिरि को कोर्ट की ओर से गवाही के लिए समन जारी करने के बाद चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। मुख्य यह है कि अमर गिरि के बयान पर कायम रहने या न रहने पर केस पर क्या असर पड़ेगा। हालांकि जानकारों का कहना है कि बयान से पलटने पर केस पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
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दरअसल कुछ समय पहले यह बात सामने आई थी कि अमर गिरि ने बयान दिया था कि उन्होंने तहरीर नहीं दी। उन्होंने हाईकोर्ट में हलफनामा भी दिया था। जानकारों का कहना है कि अमर गिरि अपने बयान पर कायम रहे तो केस चार्जशीट के मुताबिक ही चलेगा। इसके विपरीत अगर वह बयान से पलटते हैं यानी तहरीर न देने या एफआईआर खुद से न दर्ज कराए जाने की बात कहते हैं तो भी इसका केस पर कोई असर नहीं पड़ेगा। इस मामले में उनके साथ पवन महाराज भी वादी हैं। ऐसे में यह माना जाएगा कि गवाह विद्रोही हो गया और फिर अन्य गवाहों के बयान के आधार पर ट्रायल चलेगा।