इस मामले में सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर रही है। साथ ही जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल है। इसलिए अभी आरोप तय करने के मामले में आठ सप्ताह तक सुनवाई न शुरू की जाए। हालांकि, मामले में सीबीआई के अधिवक्ता मो.फरीद और शासकीय अधिवक्ता गुलाब चंद्र अग्रहरि ने विरोध जताया। कहा, बुधवार को आरोप तय करने के लिए तारीख तय की गई थी। जानबूझकर विलंब किया जा रहा है।
सुनवाई के दौरान अभियुक्त आनंदगिरि, आद्या और संदीप तिवारी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए उपस्थित रहे। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद मामले को 23 मई को फिर से पेश करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही अदालत ने आद्या प्रसाद की अर्जी पर सुनवाई करते हुए उन्हें चिकित्सकीय सुविधा और मुकदमे से जुड़े सभी दस्तावेजों की द्वितीय प्रति उपलब्ध कराने का आदेश दिया।