महानिर्वाणी अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी नित्यानंद
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बंगलूरू के विवादित योग गुरु और महानिर्वाणी अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी नित्यानंद को कुंभ में प्रवेश से नहीं रोका जाएगा। वह चाहें तो शाही स्नान के साथ ही अपने अखाड़े में शिविर भी लगा सकते हैं। प्रयागराज मेला प्राधिकरण ने स्वामी नित्यानंद के अपराधिक रिकार्ड का हवाला देते हुए उनको कुंभ में भूमि सुविधा देने पर रोक लगाने संबंधी पत्र महानिर्वाणी अखाड़े को भेजा है। जबकि, महानिर्वाणी अखाड़े ने आरोप सिद्ध न होने तक उन पर किसी तरह का प्रतिबंध न लगाने की बात कही है। इस अखाड़े के सचिव रवींद्र पुरी महाराज ने कहा कि, यह स्वामी नित्यानंद पर निर्भर करता है कि वह कुंभ में आएंगे या नहीं। उनकी ओर से अभी तक ऐसी कोई जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन अगर वो आएंगे तो उनके लिए अखाड़े के दरवाजे बंद नहीं होंगे।
तमिल अभिनेत्री के साथ सेक्स स्कैंडल से जुड़ी सीडी मामले को लेकर बीते 2010 में विवादों में फंसे नित्यानंद को इस कुंभ में मेला प्रशासन ने भूमि सुविधा देने पर रोक लगा दी है। भूमि आवंटन रोकेजाने केबाद बीते दिनों महानिर्वाणी अखाड़े की शाही पेशवाई में उन्होंने हिस्सा नहीं लिया था। कुंभ मेला प्रशासन ने उनको भूमि सुविधा न देने संबंधी आदेश की प्रति महानिर्वाणी अखाड़े के अध्यक्ष व सचिव को भेजी है।
इस बीच महानिर्वाणी अखाड़े के सचिव रवींद्र पुरी ने बृहस्पतिवार को अमर उजाला से बातचीत में कहा कि नित्यानंद को बेवजह विवाद में घसीटा जा रहा है। उन पर लगे आरोपों की अभी तक पुष्टि नहीं हुई है। इसी वजह से अभी तक अखाड़े की ओर से उन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। वह महानिर्वाणी अखाड़े के महामंडलेश्वर हैं और बने रहेंगे। कुंभ में आने पर किसी तरह का प्रतिबंध नहीं लगाया गया है।
वहीं अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री महंत हरि गिरि के अनुसार नित्यानंद महानिर्वाणी अखाड़े के महामंडलेश्वर हैं। कुंभ में उनको बसाने का फैसला महानिर्वाणी अखाड़ा ही करेगा। रही बात उन पर प्रतिबंध लगाने की तो अभी ऐसी कोई बात नहीं है। कुंभ में आने पर अखाड़े की ओर से उनको सुविधाएं दी जा सकती हैं।