सम्मेलन से पहले विहिप की केंद्रीय मार्गदर्शक कमेटी की बैठक में भी वक्फ बोर्ड मामले पर चर्चा होगी। विहिप के कुंभ और महाकुंभ में हर बार सनातनी हिताें से जुड़े अनेक मुद्दों पर चर्चा होती है। विहिप के केंद्रीय मार्गदर्शक कमेटी की बैठक में ही संत सम्मेलन के एजेंडे तय होते हैं। फिर संत सम्मेलन में उन विषयों पर चर्चा कर आपसी सहमति बनाई जाती है।
बैठक के माध्यम से ही सनातनी हित में किए जाने वाले कार्यों के संकल्प लिए जाते हैं। इस बार भी जिन मुद्दों पर चर्चा होनी है, उसमें धर्मांतरण, मंदिरों पर कब्जे और ज्ञानवापी-मथुरा जैसे कई राष्ट्रीय मुद्दे उठेंगे। वहीं, वक्फ बोर्ड के विरोध में भी पिछले कुछ समय से संतों-महंतों ने हुंकार भरनी शुरू कर दी है। यह विषय गर्माने लगा है।
अयोध्या में राम मंदिर बन चुका है तो अब विहिप वक्फ बोर्ड को खत्म करने की लगातार वकालत कर रहा है। इतना ही नहीं, विहिप के महाकुंभ नगर स्थित शिविर में अनेक पदाधिकारी इस बात की भी चर्चा कर रहे हैं कि अयोध्या के बाद अब मथुरा एवं काशी की बारी है। संत सम्मेलन में मंदिरों के अधिग्रहण को समाप्त करने का भी मुद्दा उठ सकता है।
योगी ने कहा था... यह वक्फ बोर्ड है या भू-माफिया बोर्ड
महाकुंभ शुरू होने के पहले मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी ने कहा था कि महाकुंभ का आयोजन वक्फ बोर्ड की जमीन पर हो रहा है। इस दावे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि ऐसी बातें कोई भू-माफिया ही कर सकता है। वक्फ बोर्ड को भू-माफिया बोर्ड मत बनाइए। उसे वक्फ बोर्ड ही रहने दीजिए। योगी ने कहा कि ऐसी टिप्पणी करके लोग माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।
विहिप शिविर में आयोजित संत सम्मेलन में वक्फ बोर्ड को खत्म करने का मामला उठ सकता है। केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल की बैठक में ही संत सम्मेलन के एजेंडे तय होंगे।
-अशोक तिवारी, विहिप अखिल भारतीय संत संपर्क प्रमुख
विहिप के महाकुंभ नगर में होने वाले कार्यक्रम
- 24 जनवरी : केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल की बैठक
- 25 जनवरी : साध्वी सम्मेलन
- 25, 26 जनवरी : संत सम्मेलन
- 27 जनवरी : युवा संत सम्मेलन