धार्मिक स्थलों पर जाकर करेंगी दर्शन पूजन
इस दौरान प्रयागराज के आसपास के प्रमुख धार्मिक धार्मिक स्थलों वाराणसी, चित्रकूट, कौशाम्बी, कुशीनगर, मिर्जापुर सहित अन्य स्थानों पर जाकर वह पूजन-अर्चन करेंगे। महामंडलेश्वर स्वामी हिमांगी सखी मां ने बताया कि जिस तरह केंद्र-प्रदेश सरकारें, महाकुंभ का प्रचार-प्रसार देश और विदेश में कर रही हैं। उससे बड़ी संख्या में स्नानार्थी और श्रद्धालु तीर्थराज प्रयागराज में एकत्र होंगे। इस दौरान अर्धनारीश्वर धाम में महामंडलेश्वर और मंडलेश्वर की भी पदवी प्रदान की जाएगी। ऐसे किन्नर संतों का मौनी अमावस्या के दिन पट्टाभिषेक किया जाएगा।
28 अक्तूबर को आएंगी हिमांगी सखी
महामंडलेश्वर हिमांगी सखी महाकुंभ की तैयारी को अंतिम रूप देने के लिए 28 अक्तूबर को आएंगी। इस दौरान कुंभ मेलाधिकारी विजय किरन आनंद से मिलकर अर्धनारीश्वर धाम के लिए जमीन, सुविधा का आवेदन करेंगी।
सात महामंडलेश्वरों को पट्टाभिषेक में 13 अखाड़ों को न्योता
श्रीपंच दशनाम संत श्रीगुरुदत्त अखाड़े की ओर से 26 अक्तूबर को होने वाले पट्टाभिषेक समारोह में सभी 13 अखाड़ों को न्योता भेजा गया है। इसके लिए चौफटका में अनंतमाधव मंदिर से लगे कैंटोनमेंट बोर्ड की भूमि पर भव्य पंडाल लगाया जाएगा। पट्टाभिषेक समारोह में हिस्सा लेने के लिए संरक्षक चेतन गिरि और संस्थापक आदित्यनंद गोल्ड गिरि 25 अक्तूबर को यहां पहुंचेंगे।
पंचदशनाम श्री संत गुरुदत्त अखाड़ा के संरक्षक चेतन गिरि, संस्थापक स्वामी आदित्यनंद गोल्ड गिरि और महामंत्री वीरेंद्रानंद गिरि ने रविवार को संयुक्त बयान में कहा कि वह किसी अखाड़े या संत, महात्मा का विरोध करने नहीं आए हैं।
स्वामी गोल्ड गिरि ने बताया कि इस पट्टाभिषेक समारोह में सभी अखाड़ों को आमंत्रित किया गया है। किसी के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पट्टाभिषेक समारोह में गोमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने का संकल्प लिया जाएगा। उनका कहना है कि नव गठित अखाड़ा वंचित संतों के सम्मान की लड़ाई लड़ेगा। यह अखाड़ा झूठी शान और पहचान का मोहताज नहीं है। सनातनी संस्कृति के उत्थान के लिए अखाड़ा काम करेगा।