ज्ञान, भक्ति और कर्म त्रिवेणी बह रही
श्री श्री रविशंकर ने कहा कि महाकुंभ में ज्ञान, भक्त और कर्म की त्रिवेणी बह रही है। ज्ञान गंगा, भक्ति यमुना और ध्यान सरस्वती का प्रतीक हैं। संगम नोज पर हादसे का जिम्मेदार कौन है इसकी जांच की जा रही है। पूरी देशकी जनता एक साथ है। पीड़ितों का दर्द पूरे देशका दर्द है। हम प्रार्थना करेंगे कि आपके मन को शांति मिले। बहुत बड़ा आघात लगा है। आपने खोया। देसका हर व्यक्ति दुखी है। संगम में ही स्नान करें जरूरी नहीं है। जहां गंगा या यमुना दिख रही हैं वहीं स्नान करें। मां मेला क्षेत्र में स्नान करना ही पुण्य है। सनातन बोर्ड के बारे में कहा कि धर्म संसद में गया नहीं इसलिए मुझे कुछ पता नहीं है।