अब कर पाएंगे बेटी की शादी : नाविक संजीत
महाकुंभ के दौरान यमुना तट और त्रिवेणी की धारा नाविक समाज के लिए संजीवनी बन गई। किला घाट पर नाव चलाने वाले संजीत कुमार निषाद बताते हैं कि घर में दो बड़ी बेटियां हैं, जिनकी शादी के लिए लंबे समय से कोशिश कर रहे थे। लेकिन, आर्थिक हालात आड़े आ जा रहे थे। इस बार महाकुंभ में इतनी आमदनी हो गई है कि अब बिटिया के हाथ पीले हो जाएंगे।
बनाएंगे घर, खरीदेंगे नई नाव : नाविक बलवंत
तीन दशक से बलवंत निषाद की जिंदगी बलुआ घाट और किला घाट के बीच चप्पू चलाते निकल गई, लेकिन सिर पर पक्की छत नहीं बन सकी। इस बार महाकुंभ में त्रिवेणी का ऐसा आशीर्वाद मिला है कि अब पक्का घर बन जाएगा। यही नहीं वह नई नाव लेने की भी योजना बना रहे हैं। वहीं, कुछ नाविक नया काम शुरू करने की योजना भी बना रहे हैं।