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Mahakumbh: बिना भर्ती किए 12 श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य पर माइक्रो चिप से निगरानी, धड़कन और बीपी नाप रहे डाॅक्टर

Fri, 17 Jan 2025 09:56 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, महाकुंभ नगर (प्रयागराज)

सार

महाकुंभ मेले में 12 ऐसे लोग हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती किए बिना ही उनके स्वास्थ्य की देखभाल रायबरेली एम्स के चिकित्सक कर रहे हैं। उनके दिल के पास एक माइक्रो चिप लगाई गई है। इसके माध्यम से चिकित्सकों को उनके दिल की धड़कन व बीपी का पता चल रहा है।
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(सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : Freepik
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विस्तार
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महाकुंभ मेले में 12 ऐसे लोग हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती किए बिना ही उनके स्वास्थ्य की देखभाल रायबरेली एम्स के चिकित्सक कर रहे हैं। उनके दिल के पास एक माइक्रो चिप लगाई गई है। इसके माध्यम से चिकित्सकों को उनके दिल की धड़कन व बीपी का पता चल रहा है। ऐसे में जरा सी भी परेशानी होती है तो खतरा बढ़ने से पहले उन्हें अस्पताल में भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया जाएगा। इन मरीजाें में हार्ट अटैक की संभावना को देखते हुए यह चिप लगाई गई है।

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रायबरेली एम्स की टीम सेक्टर-20 के उपकेंद्रीय अस्पताल के आईसीयू वार्ड की देखभाल कर रही है। वहां आने वाले मरीजों में हार्ट अटैक व अन्य गंभीर बीमारियों के लक्षण दिखने पर उन्हें भर्ती होने के लिए कहा जाता है। लेकिन, भर्ती नहीं होने पर मरीज दिल के पास एक टैटूनुमा माइक्रो चिप लगाकर भेज दिया जाता है। इसके माध्यम से मरीज के हृदय गति, बीपी व ऑक्सीजन लेवल पर नजर रखी जा रही है।

अब तक 12 मरीजों को माइक्रो चिप लगाई जा चुकी है। इसमें 16 जनवरी को शिवम (27), प्रभाकर (38), तिलक (40), 17 जनवरी को धर्मानंद (60), शांता दास (75), शिव गिरि (55), हेम शंकर (45), भोज दत्त सिंह (60), रामचंद्र (77) व तीन अन्य मरीजों को चिप लगाई गई है।
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यह चिप मेड इन अमेरिका है। इस पद्धति को टेलीमेडिसिन कहा जाता है। इसमें एक टैटू के अंदर माइक्रो चिप होती है। इसको मरीज के शरीर में कहीं भी चिपका दिया जाता है। वैसे अधिकांश इसको हृदय के ऊपर सीने में लगाया जाता है। इसके अलावा इसे इंटरनेट के माध्यम से अस्पताल के एआई सिस्टम से जोड़ दिया जाता है। ऐसे में मरीज के पास इंटरनेट की सुविधा का होना जरूरी है।

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इसके जरिये चिकित्सकाें के पास चिप के माध्यम से लगातार हृदय गति, बीपी व ऑक्सीजन लेवल की रिपोर्ट आती रहती है। इतना ही नहीं, अगर मरीज की हालत जरा भी बिगड़ती है तो चिप के माध्यम से चिकित्सकों के सिस्टम पर अलार्म बजने लगता है। ऐसे में तुरंत चिकित्सकों का एक दल मौके पर ही मरीज का हाल जानने पहुंच जाता है। वहीं, जरूरत पड़ने पर उसे अस्पताल में भर्ती किया जाता है। यह सुविधा पूरी तरह से श्रद्धालुओं व साधु-संतों के लिए निशुल्क रखी गई हैं। 

माइक्रो चिप के माध्यम से कई मरीजों को स्वास्थ्य लाभ दिया जा चुका है। लेकिन, प्रयागराज में इस विधि का इस्तेमाल पहली बार हो रहा है। दो दिन में 12 लोगों को चिप लगाई गई है। इन मरीजों में दिल के दौरे के लक्षण नजर आ रहे थे। लेकिन, इनके पास अस्पताल में भर्ती होने का समय नहीं था। इसकी वजह से माइक्रो चिप लगाई गई है। - डॉ.सुयस, सुपरीटेंडेंट, रायबरेली एम्स
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