इसके जरिये चिकित्सकाें के पास चिप के माध्यम से लगातार हृदय गति, बीपी व ऑक्सीजन लेवल की रिपोर्ट आती रहती है। इतना ही नहीं, अगर मरीज की हालत जरा भी बिगड़ती है तो चिप के माध्यम से चिकित्सकों के सिस्टम पर अलार्म बजने लगता है। ऐसे में तुरंत चिकित्सकों का एक दल मौके पर ही मरीज का हाल जानने पहुंच जाता है। वहीं, जरूरत पड़ने पर उसे अस्पताल में भर्ती किया जाता है। यह सुविधा पूरी तरह से श्रद्धालुओं व साधु-संतों के लिए निशुल्क रखी गई हैं।
माइक्रो चिप के माध्यम से कई मरीजों को स्वास्थ्य लाभ दिया जा चुका है। लेकिन, प्रयागराज में इस विधि का इस्तेमाल पहली बार हो रहा है। दो दिन में 12 लोगों को चिप लगाई गई है। इन मरीजों में दिल के दौरे के लक्षण नजर आ रहे थे। लेकिन, इनके पास अस्पताल में भर्ती होने का समय नहीं था। इसकी वजह से माइक्रो चिप लगाई गई है। - डॉ.सुयस, सुपरीटेंडेंट, रायबरेली एम्स