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Mahakumbh : महाकुंभ में रविवार को उमड़ा भक्तों का रेला, करीब डेढ़ करोड़ श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी

Sun, 09 Feb 2025 09:43 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, महाकुंभ नगर (प्रयागराज)

सार

माघ शुक्ल द्वादशी पर रविवार को डेढ़ करोड़ (एक करोड़ 57 लाख) से अधिक श्रद्धालुओं ने गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम में पुण्य की डुबकी लगाई। इसमें एक करोड़ 47 लाख श्रद्धालु और दस लाख कल्पवासी शामिल हैं।
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महाकुंभ 2025 - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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माघ शुक्ल द्वादशी पर रविवार को डेढ़ करोड़ (एक करोड़ 57 लाख) से अधिक श्रद्धालुओं ने गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम में पुण्य की डुबकी लगाई। इसमें एक करोड़ 47 लाख श्रद्धालु और दस लाख कल्पवासी शामिल हैं। देश के कोने कोने से श्रद्धालु संगम स्नान के लिए पहुंच रहे हैं। रविवार को छुट्टी का दिन होने के कारण आस्था का रेला उमड़ पड़ा। महाकुंक्ष क्षेत्र के साथ पूरे जिले में जाम की स्थिति बनी रही। जाम और भीड़ से गुजरते हुए लोग संगम पहुंचे और पुण्य की डुबकी लगाकर साधु-संन्यासियों का आशीर्वाद लिया।

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श्री बड़े हनुमानजी का दर्शन पूजन करने के लिए लंबी कतार लगी रही। लोग अपनों से बिछड़ते और मिलते रहे। खोने पाने वालों की सूचना देर रात तक प्रसारित होती रही। कई किलोमीटर पैदल चलकर संगम पहुंचे श्रद्धालुओं के चेहरे पर कोई शिकन नहीं दिखा। संगम में डुबकी लगाने के बाद मानों उनकी सारी पीड़ा दूर हो गई और वह नई स्फूर्ति और ताजगी के साथ हर हर गंगे और हर हर महादेव, जय श्री राम का नारा लगाते हुए घरों की ओर रवाना हुए।  

 

महाकुंभ में रविवार को को डेढ़ करोड़ ( 1.57 करोड़) से ज्यादा श्रद्धालुओं ने गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम में पुण्य की डुबकी लगाई। इसमें एक करोड़ 47 लाख श्रद्धालु और करीब दस लाख कल्पवासी शामिल हैं। विश्व के इस सबसे बड़े सांस्कृतिक समागम में आयोजन में 28 दिनों में 44 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु स्नान कर चुके हैं। श्रद्धा का रेला कम होने का नाम नहीं ले रहा है। 45 दिन के इस आयोजन में श्रद्धालुओं का आंकड़ा 50 करोड़ के पार जा सकता है।

50 करोड़ पार कर सकती है स्नानार्थियों की संख्या 

मां गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पवित्र संगम में स्नान करने वालों का आंकड़ा दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। महाकुंभ के अभी 17 दिन शेष हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि स्नान करने वालों की संख्या 50 करोड़ पार कर जाएगी। शुक्रवार को स्नानार्थियों का आंकड़ा 40 करोड़ पार कर गया।

महाकुंभ के तीनों अमृत स्नान यानी मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या और वसंत पंचमी बीत चुके हैं। श्रद्धालुओं का उत्साह बना हुआ है। पूरे देश और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से पवित्र त्रिवेणी में श्रद्धा और आस्था की डुबकी लगाने के लिए प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। हालात यह हैं कि रेल और रोडवेज को अतिरिक्त ट्रेनों और बसों का संचालन करना पड़ा रहा है। वसंत पंचमी के बाद भी यातायात डायवर्जन लागू करना पड़ा। बृहस्पतिवार को शहर में इस कदर श्रद्धालु उमड़े कि एक से आठ तक के स्कूलों को 12 फरवरी तक ऑनलाइन चलाने का आदेश जारी करना पड़ा।

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मौनी अमावस्या पर सर्वाधिक आठ करोड़ लोगों ने लगाई डुबकी

महाकुंभ में अब तक मौनी अमावस्या पर सर्वाधिक आठ करोड़ श्रद्धालुओं ने स्नान किया, जबकि 3.5 करोड़ श्रद्धालुओं ने मकर संक्रांति पर अमृत स्नान किया। एक फरवरी और 30 जनवरी को 2-2 करोड़ से ज्यादा और पौष पूर्णिमा पर 1.7 करोड़ श्रद्धालुओं ने पुण्य डुबकी लगाई, इसके अलावा वसंत पंचमी पर 2.57 करोड़ श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी में आस्था की डुबकी लगाई।
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