व्यक्तिगत उपलब्धियों से पहले राष्ट्र को दें प्राथमिकता
हर व्यक्ति को व्यक्तिगत उपलब्धियों से पहले अपने संगठन और राष्ट्र को प्राथमिकता देनी चाहिए। यह बात इसरो के अध्यक्ष व अंतरिक्ष विभाग के सचिव डॉ. वी. नारायण ने मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआईटी) में छात्रों से कही।
डॉ. वी. नारायण के साथ सतीश धवन अनुप्रयोग केंद्र के निदेशक डॉ. ए. राजराजन ने भी संकाय सदस्यों व छात्रों के साथ बातचीत की। दोनों यहां महाकुंभ की यात्रा पर आए थे और इस दौरान एमएनएनआईटी भी पहुंचे। डॉ. वी. नारायणन ने इसरो की दूरदृष्टि और हाल के वर्षों में इसकी उपलब्धियों पर प्रकाश डाला, जिसमें मंगल मिशन और चंद्रयान-1, 2 व 3 की अभूतपूर्व सफलताएं शामिल थीं।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वर्तमान सरकार इसरो को अंतरिक्ष मिशनों में वैश्विक नेतृत्व प्रदान करने के लिए सकारात्मक है, जिसमें अधिकतम विदेशी उपग्रहों का प्रक्षेपण और जलवायु परिवर्तन के लिए जी-20 उपग्रह का विकास शामिल है। डॉ. ए. राजराजन ने भी स्वदेशी तकनीक के माध्यम से अंतरिक्ष यान प्रक्षेपण में भारत की आत्मनिर्भरता की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला।
संकाय सदस्यों व छात्रों के साथ हुई बैठक में दोनों वैज्ञानिकों ने अपने अनुभव भी साझा किए। संकाय सदस्यों और छात्रों ने इसरो टीम को अपने शोध समूहों द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। एमएनएनआईटी के निदेशक प्रो. आरएस वर्मा ने दोनों वैज्ञानिकों का स्वागत हुए उन्हें उन्हें स्मृति चिह्न भेंट किए। बैठक में प्रो. आरपी तिवारी, प्रो. अभिषेक कुमार, डॉ. रामजी द्विवेदी, डॉ. अभिषेक तिवारी, डॉ. सतीश, डॉ. धीरज आहूजा आदि मौजूद रहे।