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Mahakumbh : महाकुंभ की धरती पर विश्व के प्रसिद्ध कीर्तन ग्रुप का हुआ संगम, भक्ति संगीत से वातावरण बना दिव्यमय

Mon, 10 Feb 2025 06:50 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, महाकुंभ नगर (प्रयागराज)

सार

परमार्थ निकेतन शिविर में भक्ति फेस्ट-दिव्य कीर्तन व सत्संग का आयोजन किया गया। सोमवार का दिन समर्पण, भक्ति और साधना के प्रति समर्पित रहा। कीर्तन के दौरान अद्भुत श्रद्धा और समर्पण के दर्शन हुए।
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परमार्थ निकेतन आश्रम अरैल महाकुंभ। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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परमार्थ निकेतन शिविर में भक्ति फेस्ट-दिव्य कीर्तन व सत्संग का आयोजन किया गया। सोमवार का दिन समर्पण, भक्ति और साधना के प्रति समर्पित रहा। कीर्तन के दौरान अद्भुत श्रद्धा और समर्पण के दर्शन हुए। देश-विदेश से आए भक्तों ने प्रभु के नाम के उच्चारण में लीन होकर एक साथ आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति की। कई देशों से आए भक्ति समूहों ने कीर्तन के माध्यम से अपनी दिव्य भावनाएं व्यक्त की।

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यूएस से आए भक्ति फेस्ट, हंगरी से आए हरिनाम समूह और अर्जेंटीना से सुदामा कीर्तन ग्रुप ने महाकुंभ की पवित्र धरती पर अपने भव्य कीर्तन और भक्ति संगीत से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। यूएस के भक्ति फेस्ट, हंगरी के हरिनाम, अर्जेंटीना के सुदामा कीर्तन ग्रुप सहित अन्य देशों के कलाकारों ने कीर्तन, मंत्रोच्चारण और भक्ति संगीत से पूरे वातावरण को दिव्यमय बना दिया।

अर्जेंटीना से आये सुदामा कीर्तन ग्रुप ने भी अपनी अद्भुत प्रस्तुतियां दीं। अर्जेंटीना के इस कीर्तन ग्रुप ने न केवल अपने देश की संस्कृति को भारतीय संस्कृति से जोड़ा, बल्कि भारतीय भक्ति संगीत को अपनी विशेष शैली में प्रस्तुत किया। उनका कीर्तन सुनने से ऐसा प्रतीत हुआ जैसे वे पूरी दुनिया को एक साथ एक दिव्य और आत्मिक अनुभव में सहभागी बना रहे थे। अर्जेंटीना के कलाकारों के साथ भारतीय और अन्य देशों के भक्तों ने मिलकर इस भक्ति संगीत का आनंद लिया, जो एकता और सद्भाव का प्रतीक था।

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स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि आज का यह सांस्कृतिक महोत्सव विविधता में एकता का प्रतीक है, यह एकजुटता, प्रेम और भाईचारे का संदेश पूरे विश्व को दे रहा है। इन प्रस्तुतियों ने यह सिद्ध कर दिया कि जब विभिन्न देशों के लोग एक साथ मिलकर भक्ति में लीन होते हैं, तो इसका प्रभाव ना केवल उनके जीवन पर, बल्कि पूरे संसार पर पड़ता है। डॉ. साध्वी भगवती सरस्वती ने कहा कि कीर्तन वह संगीत है जो न केवल हमारे कानों को बल्कि हमारी आत्मा को भी तृप्त करता है। प्रभु नाम जीवन के हर संघर्ष में शांति का मार्ग दिखाता है।

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