धर्मसंघ शिक्षा मंडल दुर्गाकुंड वाराणसी की ओर से संगम लोवर मार्ग पर सात मंजिला झोपड़ी बनकर तैयार हो चुकी है। इस झोपड़ी में महाकुंभ के दौरान सबसे लंबी रामकथा होगी। इसमें ज्ञान, भक्ति, वैराग्य की त्रिवेणी संत मुरलीधर महाराज बहाएंगे।
संगम की रेती पर कपड़े और फूस की झोपडि़यां देखते रह जाएंगे। संगम लोवर मार्ग पर सात मंजिला फूस की झोपड़ी महाकुंभ में हर किसी के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगी। यह झोपड़ी धर्म सम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज के धर्मसंघ शिविर में बन रही है। धर्मसंघ शिक्षा मंडल दुर्गाकुंड वाराणसी की ओर से संगम लोवर मार्ग पर सात मंजिला झोपड़ी बनकर तैयार हो चुकी है। इस झोपड़ी में महाकुंभ के दौरान सबसे लंबी रामकथा होगी। इसमें ज्ञान, भक्ति, वैराग्य की त्रिवेणी संत मुरलीधर महाराज बहाएंगे।
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इस राम कथा में देश भर से एक हजार से अधिक संतों-भक्तों के बैठने , ठहरने की ब्यवस्था की जा रही है। इस रामकथा के प्रबंधन से जुड़े कृष्णरामावत ने बताया कि कथा 13 से दो फरवरी तक यानी 21 दिन तक चलेगी। सुबह नौ से दोपहर 1:30 बजे तक मुरलीधर महाराज रामकथा की रसवर्षा करेंगे। इस कथा के लिए फूस की झोपड़ी में अनूठा पंडाल बनाया जा रहा है। रामकथा के दौरान देश-दुनिया से आने वाले रामकथा अनुरागी फेरी भी लगा सकेंगे।
2000 बांस और दो ट्रक सरपत से बना यज्ञशाला
संगम क्षेत्र के सेक्टर-19 में 2000 बोस और दो ट्रक सरपत की मदद से सात तल का भव्य यज्ञ शाला मंडप तैयार किया जा रहा है। यह यज्ञ शाला वाराणसी दुर्गाकुंड के अखिल भारतीय धर्मसंघ की ओर बनवाया जा रहा है। मंडप के अंदर 169 कुंड बनाए जाएंगे। आठ जनवरी तक यह बनकर तैयार हो जाएगा।